‘हनुमान’ जी की तरह अपनी शक्तियां क्या भूल गया ‘भूमिहार ब्राहमण समाज’?
कभी नौकर-चाकर रखने वाले भूमिहार ब्राहमण आज खुद नौकरी के लिये तरस रहे है
समय बदलता रहा है. सबल-निर्बल हो जाता है और निर्बल-सबल. पिछले...
सामाजिक उद्देश्यों से भटकती ब्रह्मर्षि राजनीति !
ब्रह्मऋषि वेदना से ओतप्रोत ब्रह्मऋषि राजनेताओं के राजनैतिक पतन पर ब्रह्मऋषि चिंतक राजीव कुमार की व्यक्तिगत शोध पर आधारित प्रस्तुति
हाल ही के वर्षों में...
धराशायी होती भूमिहार अस्मिता, बाबू अंबुज शर्मा की कविता
कलिकाल लाल कराल भाल
पर महाकाल ताण्डव कर रहे
लड लड के भिडकर संग मे
भूमिहार संकट सह रहे
नर नारी धेनू वाहन निशि दिन
यादवा-आतंक की बलि चढ...
आपसी टाँग-खिचौवल से दूर होकर बेहतरी के लिये काम करे समाज: संजय चौधरी
आज भी हम भूमिहार -ब्राह्मण सभी क्षेत्रों में अग्रणी है। उद्योग, व्यवसाय,शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, बौद्धिक क्षमता आदि सभी क्षेत्रों में अग्रणी भूमिका में आज...
चुनाव में प्रश्न पत्र कठिन और मार्किंग स्कीम कड़े होने से जनता को लाभ:...
बिहार की जनता कठिन प्रश्न पत्र सेट करने के लिए बधाई की पात्र है। आगे भी राजनीतिज्ञों को परीक्षा के एक दिन पूर्व संध्या...
गांवों में छुपी है भूमिहार समाज के विकास की कुंजी
भूमिहार क्या है? इस पर अधिक जानकारी हमें नहीं है।वही इतना अवश्य समझते हैं। भूमिहार को गाँव एवं जमीन से गहरा संबंध है।वही दोनों...
वैवाहिक विवाद और भूमिहार समाज के संगठनों की मजबूरियां
दो पीढ़ियों का टकराव - बच्चा जबतक छोटा है तभी तक वह आपके साथ, आपके लिए, आपके पदचिन्हों पर, आपके बताये संस्कारों को लेकर...
ब्रहमेश्वर मुखिया की राह पर चलते तो देश से नक्सलवाद का नामोनिशान मिट गया...
भारत नक्सलवाद की समस्या से लंबे समय से जूझ रहा है.पूरे देश में नक्सली समय-समय पर तांडव करते रहते हैं.कई जगहों पर इनकी समानांतर...
जहानाबाद क्रांतिकारियों की भूमि है, अरुण कुमार की जीत हमारे अस्तित्व के लिए जरूरी...
तेजी से उभरते युवा नेता बाल्मीकि कुमार सिंह के अनुसार जहानाबाद सीट पर विजय पाना अबकी भूमिहार अस्मिता का सवाल बन गया है और...
नक्सलवाद के मौलिक दर्शन पर सर्जिकल स्ट्राइक : भाग 1
अराजकतावादी वामपंथी शासनतंत्र बनाम सनातन भारतीय व्यवस्था क्या है अराजकतावाद? ज्ञात हो कि पश्चिमी वाम पंथ विभिन्न मतों का संकलन है यथा माक्स का...









