राजनेताओं की राजनीति और भूमिहार ब्राहमण समाज के प्रति दायित्व !
इस एपिसोड में राजनीति की भूमिका, समाज का योगदान, नेताओं की जिम्मेदारियाँ, चुनाव के बाद नागरिक सहभागिता, और सामाजिक संगठनों की भूमिका पर प्रियदर्शी...
वरिष्ठ न्यूरो सर्जन डॉ. मनीष कुमार की अगुवाई में दिल्ली...
नई दिल्ली Central Industrial Security Force - CISF के आईजी (नार्थ) श्री सुधांशु कुमार जी एवं Department of Science and Technology, Government of India के...
बाबू रामदयालु सिंह : बिहार विधान सभा के प्रथम अध्यक्ष, धाकड़...
बिहार के इतिहास में कुछ व्यक्तित्व ऐसे हैं, जिनके जीवन का हर अध्याय प्रेरणा बनकर चमकता है। ऐसे ही थे—बाबू रामदयालु सिंह, जो एक...
शेर-ए-बिहार योगेन्द्र शुक्ल: आजादी के अमर योद्धा की अनकही गाथा
भारत की स्वतंत्रता संग्राम की लंबी लड़ाई में ऐसे अनेक वीर हुए, जिनके साहस, त्याग और अदम्य जज़्बे को इतिहास उतना स्थान नहीं दे...
भूमिहार ब्राह्मण समाज का इतिहास, परंपराएं और भारतीय संस्कृति में योगदान...
भूमिहार ब्राह्मण समाज का इतिहास, परंपराएं और उनका भारतीय संस्कृति में योगदान क्या है? इस वीडियो में डॉ. आनंद वर्धन जी विस्तार से बता...
बिहार में कोरोना वायरस का बढ़ता संकट, मरीजों की संख्या 3,185...
प्रवासी मजदूरों के बिहार लौटने से कोरोनावायरस के मामले में तेजी से इजाफा हो रहा है। गुरुवार को राज्य के विभिन्न जिलों में 149...
शाही लीची की ऑनलाइन डिलीवरी करेगा डाक विभाग
भारत सरकार के डाक विभाग और बिहार सरकार के बागवानी विभाग ने लोगों के दरवाजों तक ‘शाही लीची’ और ‘जर्दालु आम’ की आपूर्ति करने...
घर बैठे मुजफ्फरपुर की शाही लीची और जर्दालू आम का लुत्फ़...
कोरोना वायरस और लॉकडाउन की वजह से व्यापार का तरीका भी बदल गया है। ग्रॉसरी के सामान के अलावा अब मौसमी फलों के होम...
समाज के कालनेमियों से बचते हुए बिहार में सामूहिक खेती करने...
देश के हरेक राज्य से आज बिहार के लिए मानव श्रृंखला बन गयी है. अब सवाल उठता है कि अप्रवासी मजदूर के रूप में...
स्वामी सहजानंद सरस्वती की जयंती कब मनायें?
- देवकुमार पुखराज, हैदराबाद पहली बार देख रहा हूं कि स्वामी सहजानंद सरस्वती(Swami Sahajanand Saraswati) की जयंती पर इस बार 22 फरवरी को कई कार्यक्रम...
राजनेताओं की राजनीति और भूमिहार ब्राहमण समाज के प्रति दायित्व !
इस एपिसोड में राजनीति की भूमिका, समाज का योगदान, नेताओं की जिम्मेदारियाँ, चुनाव के बाद नागरिक सहभागिता, और सामाजिक संगठनों की भूमिका पर प्रियदर्शी...
बिहार चुनाव के बाद समाज ने क्या खोया–क्या पाया? राजनीतिक और...
भारत में हर चुनाव केवल सत्ता परिवर्तन का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक मानसिकता, ध्रुवीकरण, उम्मीदों और सामूहिक चेतना की परीक्षा भी होता है। चुनावी...
ब्रह्मर्षि चिंतन शिविर और स्वाभिमान सम्मेलन: समाज को क्या मिला?
चर्चा की शुरुआत मैं आशीष सागर दीक्षित द्वारा लिखी गई पंक्तियों से करना चाहूंगा जो इस प्रकार है: छद्म समाजवाद आज , सियासत की भेंट...

























