बिहार डायरी : मुख्यमंत्री राहत कोष में पैसा जमा कराना सरकार के प्रोपगंडा का...
प्लूरल्स पार्टी बनाकर बिहार की राजनीति में स्थापित राजनेताओं और पार्टियों को चुनौती देने वाली पुष्पम प्रिया चौधरी का कहना है कि बिहार के...
कोरोनावायरस, लॉकडाउन और अपना वजूद तलाशते बिहारी
बिहार में पिछले दो-तीन दशकों में सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य का बदलता स्वरूप और उसका परिणाम :
कोराना की वजह से लॉकडाउन क्या हुआ अपनी वजूद को...
आखिर स्वामी सहजानन्द को क्यों भूला दिया गया?
आखिर स्वामी सहजानन्द को क्यों भूला दिया गया?
किसानों की बहुलता और आधुनिक भारत के निर्माण में अहम योगदान होने के बावजूद किसानों के राष्ट्रवाद...
बिहार केशरी श्री कृष्ण सिंह के अधूरे सपनों को साकार करने से आखिर कबतक...
बिहार केशरी श्री कृष्ण सिंह (श्री बाबू) की पुण्यतिथि पर विशेष
महान स्वतंत्रता सेनानी 'बिहार केसरी' डॉ. श्रीकृष्ण सिन्हा उर्फ श्री बाबू भारतीय राजनीति में...
पांच कारणों से पिछड़ रहा है भूमिहार-ब्राह्मण समाज
आजकल ये कहने का चलन हो चला है कि, हम ठगे जा रहे, पिछड़ रहे, शोषित हो रहे..आदि आदि।
ये सारी बातें सिर्फ डराती हैं।...
राजनीतिक महत्वकांक्षा के लिए भूमिहार ब्राह्मण समाज को पथभ्रष्ट करने की साज़िश
एक तो करेला दूजे नीम चढ़ा
विगत तीन दशकों से भूमिहार ब्राम्हण समाज को पथभ्रष्ट कर उसको बर्बादी की आग में झोंकने पर लगातार अमादा...
सत्ता के लोभियों को भूमंत्र से दर्द !
-भूमंत्र डेस्क
भूमंत्र से बहुतों को दर्द हुआ है। ऐसा आभास तब हुआ जब सत्ता सुख भोगने में तल्लीन दो महानुभावों ने भूमंत्र पर निशाना...
ध्रुव त्यागी की हत्या देखकर प्रतीत होता है कि हत्या इस्लाम में पवित्र कर्म...
ध्रुव त्यागी की हत्या देखकर लगता है जैसे हत्या इस्लाम में बहुत पवित्र कर्म समझा जाता हो। एक आदमी अपनी बेटी की इज्जत से...
समाज बड़ा है, नेता नहीं !
-अभिषेक शर्मा (विचारक: भूमि-समाज )
चुनाव के दौरान हम सब ने किसी न किसी का पक्ष लिया है। बेगूसराय में गिरिराज और कन्हैया को ले...
सवर्ण समाज की ठेकेदारी भूमिहार ब्राह्मण समाज अकेले न ले
-भूमंत्र डेस्क
चुनाव संपन्न होने के पश्चात नतीजों के साथ साथ पूर्व चुनाव के नतीजों को ले कर एक चर्चा होनी चाहिए कि भूमिहार एकता...











