कन्हैया ‘भूमिहार’ को देखकर छाती कूटते दलित चिंतक
आज़ादी के बाद जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय में इसके पहले इतना विवाद कभी नहीं हुआ जितना कन्हैया कुमार के बनने के बाद हुआ. कन्हैया की...
अखिल भारतीय ब्रह्मर्षि महासम्मेलन के लिए लिखित रामधारी सिंह दिनकर की एक विलुप्त कविता
सन 1938 में पटना में अखिल भारतीय ब्रह्मर्षि महासम्मेलन क आयोजन किया गया था जिसमें काशी नरेश विभूति नारायण सिंह, सर गणेश दत्त, बाबू...
राष्ट्रकवि ‘दिनकर’ ने सबसे पहले पहले प्रयोग किया था ‘दलित’ शब्द
दलित के नाम पर रोटी और बोटी खाने वाले बौद्धिक वामपंथी और छद्म प्रगतिशील ये भूल जाते हैं कि 'दलित' शब्द के पहले प्रयोगकर्ता...




