kanhaiya kumar

आज़ादी के बाद जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय में इसके पहले इतना विवाद कभी नहीं हुआ जितना कन्हैया कुमार के बनने के बाद हुआ. कन्हैया की खासियत है कि सहमति-असहमति के बावजूद उसके भाषणों को आप सुने बिना नहीं रह सकते.

कन्हैया के वक्तृत्व क्षमता का ही ये कमाल है कि वे जेएनयू के अध्यक्ष पद पर निर्वाचित हुए. उनकी पार्टी का इसमें कोई खास भूमिका नहीं.
जेएनयू के लोग बताते हैं कि कन्हैया कुमार अध्यक्ष पद की रेस में पीछे चल रहे थे लेकिन अंतिम समय में उनके कई ओजपूर्ण भाषणों ने जेएनयू के माहौल को पलटकर रख दिया और असर ऐसा हुआ कि जेएनयू ने बिना जाति देखे कन्हैया कुमार को वोट दिया और ऐसे एक ‘भूमिहार’ जेएनयू का अध्यक्ष बन बैठा.
असल कहानी तो उसके बाद शुरू हुआ जब ज़ी न्यूज़ पर जेएनयू में भारत विरोधी नारे लगते दिखा और पूरे देश में राष्ट्रद्रोह और राष्ट्रभक्त की बहस छिड गयी.
पुलिस, छात्र, जेएनयू प्रशासन, वामपंथ, संघ, भाजपा, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, अखबार, न्यूज़ चैनल और यूं कहिये कि पूरा-का-पूरा देश ही इस मामले में कूद पड़ा.
सोशल मीडिया से लेकर चैनलों की बहस में मामला छा गया. ठीक उसी वक्त सबसे पहली गिरफ्तारी अध्यक्ष होने के कारण कन्हैया कुमार की हुई और अचानक से पूरे मामले के केंद्रबिंदु में कन्हैया छा गए. टीवी न्यूज़ हर जगह कन्हैया ही कन्हैया. गिरफ्तारी के बाद जब रिहाई हुई तो चैनलों ने कन्हैया को हाथों – हाथ लेते हुए तकरीबन 40 मिनट उसका भाषण नॉन स्टॉप चलाया. प्राइम टाइम में किसी छात्र नेता को इसके पहले इतना महत्व भारतीय न्यूज़ चैनलों के इतिहास में इसके पहले कभी नहीं मिला.
कन्हैया को विवादों में देख पहले तो वामपंथी और दिलीप मंडल जैसे जातिवादी जहर फ़ैलाने वाले लोग साथ देने के लिए सामने आए. लेकिन जब कन्हैया की जाति का उन्हें पता चला तो उनकी छाती पर सांप लोट गया. छाती कूटने लगे कि जिन सवर्णों के खिलाफ वे जहाँ से मोर्चाबंदी करते हैं वहीं का सिरमौर एक भूमिहार बन गया. छाती कूटना तो बनता है.कूटते रहिये. भूमिहार के नाम पर इतना तो बनता ही है.

7 COMMENTS

  1. Isako bhumihar hone ke karan rajput and baniya Samaj ne desh drohi ghoshit karne ka plan banaya hai taki satta ka sukh bhog sake. Agar Isi Tarah janta ka Sath ise milta raha to ye larka ak din India ka pm banega mera agreem shubhkamna inke Sath hai. Aaj ke date me government se question puchna bhi desh drohi karar diya jata hai.

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