वक्त बदलता है और इतिहास गवाह है कि जो समाज वक्त की आहट को पहचानकर सचेत नहीं हुआ, वो इतिहास के पन्नों में दफ़न हो गया. इतिहास की किताबें पढेंगे तो ऐसे तमाम उदाहरण आपको मिल जाएंगे. भूमिहार समाज के लिए भी वही वक्त आ गया है जब बदलते हुए समय को समझना और उस हिसाब से अपनी रूपरेखा बनानी जरूरी है और प्रसन्नता की बात है कि भू-बंधुओं ने इसे समझा भी और अपने आप को बदला भी. यही वजह है कि ज़मीन से उठकर अब भू-समाज के लोग अलग-अलग तमाम पेशों में बड़ी संख्या में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करवा रहे हैं.
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लेकिन अफ़सोस है कि अब भी कुछ लोग अपनी भ्रांतियों के साथ जी रहे हैं. ‘भूमिहार’ शब्द महज उनके लिए उन्माद भाव है. सोशल मीडिया पर जारी नारे और तस्वीरें इसकी गवाही देते हैं. कोई बुलेट की तस्वीर के साथ रॉयल भूमिहार को जोड़ रहा है तो कोई गन के साथ. सवाल उठता है कि क्या भूमिहार को रॉयल दिखने-दिखाने के लिए बुलेट और गन का सहारा लेना पड़ेगा?
पहले जानिए कि अंग्रेजी के रॉयल(ROYAL) का हिंदी में मतलब क्या होता है और उस हिसाब से आपकी स्थिति क्या है? शब्दकोष में जाकर आप ROYAL शब्द टाइप करेंगे और उसकी हिंदी जानना चाहेंगे तो ये सारे शब्द आयेंगे –
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अब रॉयल का आप खुद आंकलन कर उसमें अपने आप को फिट कर सकते है. पर आपको इसमें कहीं गन या बुलेट नज़र आता है? दरअसल गन और बुलेट की तस्वीरें और उन्मादी नारे लगाकर आप ‘भूमिहारों’ को रॉयल नहीं बना रहे. बल्की समाज की उन्मादी छवि बना रहे हैं जैसा कि वामपंथी और भू-विरोधी चाहते भी हैं. सोशल मीडिया पर गन नहीं अपनी बौद्धिक क्षमता दिखाइए, उसी से भूमिहार की रॉयल छवि बनेगी. गन और बुलेट किसी काम के नहीं. उसे रणवीर सेना के लिए छोड़ दीजिए जिसपर वामपंथियों ने अपनी बौद्धिक क्षमता से उग्रवादी संगठन का ठप्पा लगा दिया.





Beautiful thought
बहुत सही।
Wow bitter truth������
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