Dr Abhishek Ranjam

डॉ. अभिषेक रंजन

भूमिहारो को खोई हुई राजनीति पैठ और मजबूती के ये अपने वर्चस्व को बढाने के लिए कुछ खास बातों पर जोर देना ही होगा। उनमें मुख्य बाते है:

बिना भेद भाव किये राजनीति करने, सिर्फ सवर्ण समर्थन या OBC SC ST विरोध की नीति से हम बहुत सारे लोगो को अपना धुर विरोधी बनाते हैं ऐसा अन्य सवर्ण जाती नही करती।

किसी नेता किसी पार्टी किसी की भी अंधभक्ति से दूर रहना, आने समाज अपने देश हित की बातें को सर्वोपरि रखना, आज अगर राजपूत समाज एकजुट है , युनकी काफी दबदबा है उसके पीछे उनके हर पार्टी में समर्थन हासिल है चाहे कांग्रेस हो या बीजेपी।

एक दूरी की टांग खीचना नीचे गिरने के तिकड़म करने से बचना होगा, गैर राजनीतिक और राजनीतिक तौर पर भी। भूमिहारो को तेज बुद्धि और मेहनत के लिए शुरू से जाना जाता है हसके अनुरुप हमे सूज भुज और दिमाग से हर पार्टी हर मुद्दे पर एकजुट हो खड़े रहना होगा।

हर भूमिहार भाई बहन को अपना सगा भाई बहन तुल्य मान सम्मान और ख्याल रखना होगा।

यदि बिहार और देश मे संख्या बल के समतुल्य होने पर भी आपको राजनीतिक तौर पर पूछ नही है तोह उसका कारण हमारा एकजुट न होना, हमारा दुसरो के प्रति धुर विरोध नीति रखना, अन्य जातियों को अपना दुश्मन बनाना मुख्य कारण हैं।

यदि हम OBC ST SC विरोध के जगह इन सबको जोड़कर और सारे ब्राह्मण भाइयो को भी साथ लाकर चले तोह हो सकता है कि हमे आज की तुलना में बेहद ज्यादा राजीनीतिक लाभ और सम्मान  मिले ।

हर सीट हर क्षेत्र हर राज्य में अगर एक जुट हो सबको साथ लेकर चले एक अच्छा नेतृत्व दे , तोह कल भूमिहार समाज देश को नई दिशा दे सकता है। जब भूमिहारो के पास शक्तिं आएगी पोलिटिकल तभी समुदाय का भी भला हो पायेगा।

आज अगर लोक सभा को देखे तोह भूमिहार समुदाय सिमट हुआ है उसमें भी जो जीतते है ज्यादातर दबंग ही होते है।

पढ़े लिखे हुए अच्छे भूमिहार समुदाय के लोग अच्छे सोच के साथ इस संयोजन हेतु सबके साथ , सभी जातियों के साथ ही मिलकर आगे बढ़ना होगा। संग्रह सोच ही  आज की आवश्यकता है।

1 COMMENT

  1. आपने बिल्कुल सही लिखा है जब आप बस अपनी जाति की बात तो दूसरों को अपना विरोधी बना लेते हैं ।

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