Dr. Manish Kumar, neurosurgeon

भारत समेत पूरा विश्व जानलेवा कोरोनावायरस से जूझ रहा है. एक तरह से कोरोना मानव प्रजाति के लिए गंभीर संकट लेकर आया है. मुश्किल ये है कि अब तक इसकी कोई प्रमाणिक दवा या वैकसीन विकसित नहीं हो सकी है. ऐसे में इससे सावधान रहना ही एकमात्र विकल्प है क्योंकि इस वायरस से सावधान रहना ही बचाव है. इसी मसले पर प्रख्यात न्यूरोसर्जन डॉ. मनीष कुमार कहते हैं –

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कोरोना का खतरा बढ़ता हीं जा रहा है. दवाएं या वैक्सीन बनने तक अपने को बचाएं.
घर से बाहर कम से कम निकलें हो सके तो न निकलें .
मास्क पहने, किसी से हाथ न मिलाएं दूरी बना कर रखें . . .
कुछ भी छूने पर हाथ धोएं बाहर से आते हीं स्नान करें . . .
भारत में स्वास्थ्य सुविधाएं बहुत कम हैं . . .
हमें अगले कम से कम तीन महीनों तक सावधानी बरतनी होगी . . .
उसके बाद भगवान करेगा तो कुछ अन्य उपाय जैसे कोइ दवा या वैक्सीन आ भी सकते हैं, तब तक सावधानी बरतना हमारी आदत हो जायेगी.
जून के अंत तक हम बीमारी के बीचों बीच होंगे . . .
पूरी मानवता उससे दो चार हो चुकी होगी . . .
यह न सोचें की “एक” मेरे नहीं करने से क्या होगा . . .
एक एक व्यक्ति से हीं समाज और राष्ट्र और पूरा संसार बना है . . .
हम संभलेंगे युग संभलेगा . . .
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