Freedom fighter Ayodhya Singh

स्वतंत्रता सेनानी अयोध्या सिंह का निधन

एक दुखदायक खबर है. भूमिहार समाज के धरोहर और आजादी की लड़ाई में अंग्रेजों से लोहा लेने वाले स्वतंत्रता सेनानी अयोध्या सिंह नहीं रहे. वे 113 वर्ष के थे. सोमवार 13 अप्रैल 2020 को वे हमें छोड़ परलोक सिधार गए.

अंग्रेजों के खिलाफ जमकर लड़े

स्वतंत्रता आंदोलन में इन्होंने अंग्रेजों के जमकर छक्के छुड़ाये थे. आंदोलनकारियों के साथ मिलकर उन्होंने अंग्रेजों के थाने को फूंका था जिसके कारण अंग्रेज इनके क्षेत्र को छोड़ कर भाग खड़े हुए थे.

स्वतंत्रता सेनानी का पेंशन लेना अस्वीकार किया

आजादी के बाद सरकार ने स्वतंत्रता सेनानियों को पेशन देने का फैसला किया. लेकिन इन्होने पेशन लेना स्वीकार नहीं किया. उनका स्पष्ट मानना था कि देशसेवा निस्वार्थ भाव से की जाती है, उसके लिए रकम लेना गंवारा नहीं. उन्होंने कहा कि इसी पेंशन की रकम को सरकार देश के विकास में लगाए.

सरकारी नौकरी में रहे

स्वतंत्रता के बाद इन्होने सरकारी नौकरी की और सर्किल इंस्पेक्टर अंचल क्षेत्र से रिटायर्ड हुए.

भावभीनी श्रद्धांजलि देने पहुंचे लोग

पूरे क्षेत्र के जाने माने समाजसेवियों में इनका नाम अभी भी लिया जाता है। उनके निधन की खबर सुनकर कोरोनावायरस के लॉकडाउन में भी लोग सोशल डिसटेनसिंग का पालन करते हुए अंतिम दर्शनों के लिए पहुंचे और अश्रुपूरित नेत्रों से उनको भावभीनी श्रद्धांजलि दी. ऐसे दिव्य महापुरुष के निधन पर भूमंत्र परिवार शोक प्रकट करता है और उनकी आत्मा की शांति के लिए महादेव से प्रार्थना से करता है. ओम शान्ति.

व्यक्तिगत विवरण

Ayodhya Singh Bhumihar Freedom Fighterनाम – अयोध्या सिंह,
पिता – रघुनंदन सिंह,
ग्राम – मरचोई,
प्रखण्ड – सतगावां,
जिला – कोडरमा,
राज्य – झारखण्ड।

( यदि आपके पास भी ऐसी कोई खबर है तो हमें bhumantra@gmail.com पर भेजें )

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