amrendra dhari singh

राष्ट्रीय जनता दल(राजद) ने राज्यसभा के दो प्रत्याशियों के नाम का ऐलान किया तो एक ऐसे चेहरे का नाम सामने आया जिससे बिहार के सियासी गलियारे में खलबल मच गयी। ये नाम किसी और का नहीं बल्कि अमरेन्द्रधारी सिंह का है। ये ना तो राजनीति का जाना-माना चेहरा हैं और ना ही कभी किसी ने राजनीतिक महकमे में उनका नाम सुना था। लोगों के मन में सवाल है कि आखिर कौन हैं ये अमरेंद्रधारी सिंह, जिनपर राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने इतना भरोसा जताया है।

राज्यसभा चुनाव के लिए अमरेंद्रधारी सिंह का नाम सभी के लिए चौंकाने वाला है। इस नाम को राजद के कई नेता भी नहीं जानते हैं। जगदानंद सिंह ने राजद कार्यालय पटना में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में अमरेंद्रधारी सिंह का नाम लेते हुए उनके बारे में बताया कि वो समाज के प्रतिष्ठित व्यक्ति हैं और सामाजिक कार्यकर्ता हैं, साथ ही राजद से जुड़े हुए हैं।

अमरेंद्रधारी सिंह पटना जिले के विक्रम के रहने वाले हैं और अहमद पटेल के काफी करीबी माने जाते हैं। वो एक बड़े व्यवसायी और जमींदार है। पाटलिपुत्र कॉलोनी में उनका बड़ा आलीशान घर है। पटना के पालीगंज के अंइखन गांव में एक हजार बीघा जमीन के मालिक हैं। 55 साल के अमरेंद्रधारी सिंह ने अबतक शादी नहीं की है। उनका रियल एस्टेट समेत 13 देशों में फर्टिलाइजर और केमिकल के इंपोर्ट का व्यवसाय है।

इसके साथ ही अमरेंद्रधारी सिंह दिल्ली के गोल्फ क्लब के भी सदस्य हैं। इस क्लब में बिहार के सिर्फ तीन सदस्य हैं-किंग महेंद्र, रविशंकर प्रसाद और अमरेंद्रधारी सिंह।

अमरेंद्रधारी सिंह ने पटना के सेंट माइकल स्कूल से पढ़ाई की है। बताया गया है कि वे दिल्ली में गरीबों के लिए 200 बेड का अस्पताल बनवा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक वे लालू यादव के पुराने जानने वाले हैं।

बताया जा रहा है कि अमरेंद्रधारी के नाम का ऐलान कर लालू यादव ने एक तीर से दो शिकार किया है। पहला पार्टी से बिदक गये अगड़े वोटर्स को साधने की कोशिश की है और दूसरा कांग्रेस से अगड़ी जाति की राजनीति करने का तमगा छीनने की कोशिश की है। गौरतलब है कि ब्राह्मण जाति से आने वाले मनोज झा पहले से ही राजयसभा के सदस्य हैं। राजपूत समुदाय से आने वाले जगतानन्द सिंह आरजेडी के प्रदेश अध्य्क्ष हैं और अमेरेंद्रधारी सिंह भूमिहार समुदाय से आते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here