Journalist Avinash Kumar

 

दिल्ली/मुजफ्फरपुर। युवा पत्रकार अविनाश कुमार अब हमारे बीच नहीं रहे। दिल्ली में हुए एक बस दुर्घटना में उनकी मौत हो गयी। वे मूलतः मुजफ्फरपुर के मनियारी गांव के रहने वाले थे। माखनलाल चतुर्वेदी विवि. से उन्होंने पत्रकारिता की डिग्री हासिल की थी। कई सालों तक आईबीएन-7 में भी काम किया था। बाद में मिट्टी की खुशबू उन्हें मुजफ्फरपुर खींच लायी। उन्होंने अपना उद्धम शुरू करने की कोशिश की, लेकिन बिहार की अराजक व्यवस्था और भ्रष्ट व्यवस्था ने उन्हें ऐसा करने नहीं दिया। मजबूरन समय और पैसे की बरबादी के बाद उन्हें दुबारा वापस दिल्ली लौटना पड़ा। उनके चमकते मीडिया करियर पर भी इसका असर पड़ा और शून्य से फिर एक नयी शुरुआत करनी पड़ी। लेकिन दिवगंत अविनाश इससे बहादुरी से जूझते रहे। लेकिन काल के क्रूर प्रहार ने उन्हें हमेशा के लिए छीन लिया। पीछे छूट गया नौ महीने का नवजात जो मन ही मन अब भी अपने पिता को खोज रहा होगा। श्रद्धाजंलि।

समाचार4मीडिया में प्रकाशित खबर –

– अजीत कुमार मिश्रा

जिनके कंधों पर देश की जनता को न्याय दिलाने की जिम्मेवारी हो उनके परिवार की जिम्मेवारी कौन उठाएगा अजित जी’, ऐसा ही कुछ कहते थे अक्सर हमारे पत्रकार मित्र अविनाश कुमार।

मीडिया जगत में कम उम्र में ही अपनी खास पहचान बनाने वाले अविनाश आज हमारे बीच नहीं हैं। 8 मार्च को दिल्ली की कातिल डीटीसी बस ने उनकी जान ले ली। 6 मार्च की सुबह जब अविनाश जब अपने घर से निकले तो उन्हें शायद ही पता था कि एक डीटीसी बस की रफ्तार उनकी मौत की वजह बनेगी। पटपड़गंज की एक सड़क के किनारे ही उन्हें बस ने ऐसा धक्का मारा कि वो वहीं बेहोश हो गए । पास के राहगीरों ने उन्हें तत्काल मैक्स अस्पताल पहुंचाया। लेकिन दो दिनों के जिंदगी मौत के संघर्ष में वो हार गए और 8 तारीख को उनकी मौत हो गई।

आम मीडियाकर्मियो की तरह उनकी जिंदगी भी संघर्षों से भरी रही थी। मुजफ्फरपुर (बिहार) के एक छोटे से गांव से दिल्ली अविनाश देश की मीडिया के जरिए लोगों को न्याय दिलाने के सपने से आए थे। इस संघर्ष के दौरान माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की और फिर अविनाश ने 2005 से 2011 तक आईबीएन 7 में कार्य किया। वो चैनल में बतौर प्रोड्यूसर कार्यरत रहे। बाद में उन्होंने नौकरी छोड़ कर खुद का व्यवसाय करने की कोशिश की जिसमें उन्हें सफलता नहीं मिली। साल 2018 में एक निजी कंपनी में एक छोटी सी नौकरी की। दुर्भाग्यवश बस दुर्घटना के एक दिन पहले नौकरी से भी हाथ धोना पड़ा था।ही उन्हें अपने परिवार की गिरती आर्थिक स्थिति ने उन्हे काफी तनाव में डाल दिया था। शायद यही वजह रही होगी कि जब उनका एक्सीडेंट हुआ तब उनके परिवार के सामने घर चलाने का भी संकट आ खड़ा हुआ है। परिवार में उनकी पत्नी प्रियंका कुमारी के अलावा नौ महीने की एक संतान है । पत्नी और बेटे के सामने आगे जीवन यापन का संकट आ खड़ा हुआ है। दुर्घटना के मुआवजे को मिलने में कम से कम एक से दो साल लग सकते हैं। ऐसे में मीडियाकर्मी ही उनके इस दर्द को कुछ हद तक कम कर सकते हैं। आप सभी मीडिया कर्मियों से निवेदन हैं कि वो अविनाश कुमार के परिवार की सहायता के लिए आगे आएं। जिन भी लोगों को उनके परिवार की सहायता करनी है वो अविनाश कुमार की पत्नी के बैंक अकाउंट में सीधे अनुदान कर सकते हैं। नीचे उनकी पत्नी प्रियंका जी का बैंक अकाउंट दे रहा हूं। आशा है देश की जनता को न्याय दिलाने का सपना रखने वाले अविनाश खुद आर्थिक अन्याय के शिकार न हो।

A/c OF PRIYANKA KUMARI

PRIYANKA KUMARI

IDFC BANK

A/C 10026924688

IFSC IDFB0040101

Avinash Kumar

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here