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भूमिहार ब्राम्हणों के भारत के सबसे बड़े सामाजिक मंच भूमंत्र ग्रुप की दिन-ब -दिन बढ़ती उपयोगिता 
एवं विश्वसनीयता तथा इस मंच पर मौजूद भूमिहार समाज के सच्चे पुरोधाओं के असीम योगदान पर 
प्रकाश डाल रहे हैं ब्रह्मऋषि चिंतक एवं विचारक " राजीव कुमार "

संजीवनी बूटी एक ऐसी प्राणरक्षक बूटी थी जिसे सुषेण वैद्य जी ने लक्ष्मण जी के प्राणों की रक्षा हेतु हनुमान जी को पर्वत पर से लाने को कहा था और फिर उस संजीवनी बूटी को पीसकर लगभग मृतप्राय हो चुके लक्ष्मण जी को पिलाकर उनके प्राणों की रक्षा की थी । आज के आधुनिक युग में ‘भू-मंत्र’ नामक सोशल मीडिया मंच सुषुप्तावस्था में जाकर लगभग मृतप्राय होने की ओर अग्रसर भूमिहार ब्राह्मण समाज के लिए संजीवनी का कार्य कर रहा है और इस समाज में अतिरिक्त ऊर्जा का संचार कर उसके प्राण में जान फूँक रहा है । पिछले एक -डेढ़ वर्षों में जिस तरह से भूमिहार समाज के एक से बढ़कर एक समाज सेवियों एवं सच्चे पुरोधाओं ने भूमंत्र के माध्यम से अपने भूमिहार ब्राम्हण समाज की सेवा की वो अतुलनीय है एवं एक तरह से संजीवनी की तरह कार्य कर रहा है । चाहे रोजी रोजगार से सम्बंधित मसले हों , चाहे शादी विवाह से सम्बंधित , चाहे भूमिहार समाज के साथ घटित किसी अप्रिय घटना की बात हो या भूमिहार समाज के अंदर छाई हुई राजनैतिक और सामाजिक सुस्ती हो , हर क्षेत्र में भूमंत्र ने समाज को एक सकारात्मक दिशा में ले जाने में एक प्रभावी भूमिका निभाई है ।

यह भूमंत्र का ही कमाल है कि आज भूमिहार समाज के तथाकथित बाहुबलियों के किसी भी गलत क्रियाकलाप पर जोरदार आवाज़ भूमिहार समाज में उठ रही है जो भूमिहार समाज की जाग रही चेतना का द्योतक है । ताजा उदाहरण भूमंत्र परिवार से जुड़े आपके ब्रह्मऋषि चिंतक एवं विचारक ” राजीव कुमार ” का ही है यानि मेरा । मेरे बहनोई श्री विजय कुमार सिंह राँची के MEDICA हॉस्पिटल में बेहद गंभीर हालत में ICU में दिनाँक 09/05/2018 को भर्ती हुए । श्री विजय कुमार सिंह ESI ( कर्मचारी राज्य बीमा निगम ) के सब्सक्राइबर हैं एवं उसके अंतर्गत स्वास्थ्य सेवा हेतु देश के हर निबंधित अस्पताल में ESI के नियमानुसार बेहतर से बेहतर इलाज हेतु अधिकृत हैं । लेकिन बावजूद इसके राँची के MEDICA अस्पताल का प्रबंधन उनको ESI के तहत इलाज की सुविधा नहीं प्रदान करके प्रत्येक रोज बहुत ही अधिक ऊँची राशि को फी स्वरुप वसूल कर इलाज कर रहा था । इस दरम्यान हमलोग बार बार MEDICA अस्पताल के प्रबन्धन से उन्हें ESI के अंतर्गत इलाज की सुविधा प्रदान करने का आग्रह कर रहे थे लेकिन अस्पताल प्रबंधन के कानों पर जूँ तक नहीं रेंग रहा था।

फिर अचानक हमने 13/05/2018 की रात्रि में भूमंत्र पर अपनी व्यथा लिखकर भूमिहार समाज के पुरोधाओं से इस विषय में मदद करने की अपील की । हमारी अपील रुपी उस पोस्ट को देखने के उपरांत एक भूमिहार पुरोधा श्रीमान राजेश जी ने अपना मोबाइल नंबर कमेंट बॉक्स में लिखकर मदद करने का भरोसा दिया । हमने दिनांक 14/05/2018 को अहले सुबह जब उस श्रीमान जी से संपर्क किया तो उनकी पहल के फलस्वरूप आश्चर्यजनक ढंग से हमारा काम ESI राँची कार्यालय के खुलते ही त्वरित अंदाज में प्राथमिकता के आधार पर हो गया । इसके बाद जब उक्त मरीज को खून देने की अपील भूमंत्र के मंच से की तो उस अपील पर भूमिहार समाज के राँची में ही रहने वाले दूसरे पुरोधा श्रीमान कमलेश कुमार जी ने त्वरित अंदाज में MEDICA अस्पताल जाकर मरीज को अपना खून दिया । इसके अलावे बहुत सारे अनेकों उदाहरण हैं जिनको प्रमाण स्वरूप रखकर ये बात कही जा सकती है कि भूमंत्र सचमुच भूमिहारों के लिए संजीवनी का कार्य कर रहा है । हम सबका यह धर्म/ दायित्व बनता है कि ऐसे सच्चे सामाजिक मंच रुपी बाग को सब लोग मिलकर एक सच्चे माली की तरह सजाएं ।

Community Journalism With Courage

6 COMMENTS

  1. Unity among Bhumihaar is most important factor to bring back the glorious past of Bhimihaar. If we are unite then only other cast peoples will understand our power. Only the power of Bhumihaar can bring respect and nothing else. You remember Ranveer Sena because of power. Without power Bhumihaar is a older and toothless Lion. Bhumihaar is facing a internal challenge only and not from outside. In these many Bhumihaar becomes outsider of Bihar and they have left Bihar almost. That is one of the major challenge. Second challenge is that whoever is capable bhumihaar have to do some contribution for Bhumihaar society for upliftment of poor Bhumihaars. If you all really want status of Bhumihaar back then you need to prepare a brave and powerful youths of Bhumihaar who will capable enough to face any kind of challenge either from Naxalite or from Poltical Powers etc. Our focus need to be on present generation and future generation and not much about past. Past is not going to help in reality.

  2. यहाँ पर सभी लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण बात highlight करना चाहता हूँ |

    wikipedia पर राजपूतों, भूमिहार ब्राह्मणों, चित्पावन ब्राह्मणों, त्यागी ब्राह्मणों, कुर्मियों, यादवों, दलितों आदि के बारे में बड़ी अपमानजनक बाते लिखी हैं | इन जातियों के लोग लगातार उनसे सम्बंधित page को delete करने की मांग कर रहे है लेकिन कुछ नहीं हो रहा है |

    और कुछ लिखूं उससे पहले ये बात दूँ की केवल एक जाती से सम्बंधित page ऐसा है जिस पर कोई अपमानजनक बात नहीं लिखी गयी है | वो page है भिक्षुक ब्राह्मणों का जिन्हें आप पंडित भी कहते है |

    इसी पंडित जाति के कुछ लोग wikipedia पर एडमिन बन गए है और दूसरी जातियों के page बनाकर उसमे अपने मन मुताबिक बाते लिख रहे हैं | जिन citation/ reference का जिक्र किया गया है उनके लेखकों की बातों का ये लोग अपने मन मुताबिक मतलब निकालकर प्रयोग कर रहे हैं | कुछ किताबें जो इनके लिए ठीक नहीं बैठती है उन्हें शामिल ही नहीं किया गया है |

    लेकिन अगर आप लोग चाहें तो अपना वोट देकर उन pages को delete करवा सकते हैं |

    क्योंकि bhumantra.कॉम के बहुत सारे visitor हैं तो आप उन्हें अपने वोट का इस्तेमाल करके वैसे आपत्तिजनक pages को हटवा सकते हैं |

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