स्व.कृष्णानंद राय तो नहीं रहे, लेकिन उनकी शहादत को दुनिया सलाम करती है. मोहम्मदाबाद पर धब्बा बस इतना था कि उनके हत्यारे जेल में रहकर भी मूंछ पर ताव दे रहे थे और मोहम्मदाबाद विधानसभा पर जीत का परचम फहरा रहे थे.लेकिन इस बार न किला बचा और न किलेदार. मोहम्मदाबाद में चली अलका लहर में सबकुछ ध्वस्त हो गया. दुर्गा का अवतार धर अलका राय ने शहीद कृष्णानंद राय के हत्यारे परिवार को बुरी तरह परास्त कर अपनी कसम पूरी की और पूरे देश के भू-समाज पर जो कलंक था उसे धो दिया. बहरहाल हत्यारे सिर्फ हारे ही नहीं बल्कि उनका राजनीतिक रसूख भी ख़तम हो गया. इससे ज्यादा प्रतिशोध और क्या हो सकता है.बहरहाल स्व.कृष्णानंद राय की याद में मोहम्मदाबाद से एक वीडियों आया है जिसमें इस पूरे संघर्ष को गीत और तस्वीरों के माध्यम से दिखाया गया.आप भी देखिये. 

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