बिहार में हर साल टॉपर घोटाला हो रहा है. इसकी वजह से बिहार बोर्ड की पूरे देशभर में थू-थू हो रही है. लेकिन नीतीश सरकार शराबबंदी के बावजूद मदमस्त है. इस बार बिहार बोर्ड की बारहवीं के आर्ट्स टॉपर गणेश कुमार भी फर्जी पाए गए और गिरफ्तार भी हुए. लेकिन गिरफ्तारी के पहले एबीपी न्यूज़ ने गणेश का एक इंटरव्यू लिया था जिसमें एक टॉपर के हिसाब से 40 सवाल पूछे गए थे. इन सवालों का गणेश ठीक से जवाब नहीं दे पाए थे. यह इंटरव्यू एबीपी न्यूज़ के रिपोर्टर उत्कर्ष कुमार सिंह ने लिया था.
इंटरव्यू के बाद हंगामा मच गया और दलितों के नाम पर अपनी दूकान चला रहे लोग इंटरव्यू के कंटेंट पर चर्चा की बजाए हाय भूमिहार, हाय भूमिहार चिल्लाने लगे. दरअसल उत्कर्ष कुमार सिंह जाति से भूमिहार हैं और इसी को मुद्दा बनाकर गणेश कुमार के फर्जीवाड़े पर पर्दा डालने की कोशिश की गयी. घोर जातिवादी दिलीप मंडल के छत्रछाया में चल रही एक वेबसाईट ने टाइटल दिया – “पढ़िए गणेश का इंटरव्यू करने वाले एबीपी न्यूज के भूमिहार पत्रकार का जातिवादी चरित्र”. लेकिन उत्कर्ष के जातिवादी चरित्र को बताने की चेष्टा करने वाले खुद कितने जातिवादी हैं उसकी पोल अपने आप खोल दी. दिलीप मंडल ने उत्कर्ष पर टिप्पणी करते हुए लिखा –
पूरा इंटरव्यू –

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