देश की रक्षा का जब भी सवाल उठता है तो भूमिपुत्र सबसे आगे नज़र आते हैं. प्राचीन समय से चली आ रही ये परम्परा आज भी कायम है और इसी परम्परा के निर्वाहन के लिए भूमिपुत्र बड़ी संख्या में सेना, सीआरपीएफ और पुलिस में भर्ती होकर देश की रक्षा के लिए शपथ लेते हैं और वक़्त आने पर अपनी शहादत देने से भी नहीं चूकते. ऐसे ही भूमिपुत्र हैं सीआरपीएफ के सेठ कुमार. वे सीआरपीएफ में कॉन्स्टेबल के पद पर कश्मीर में तैनात थे. लेकिन आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में वे शहीद हो गए. मूलतः नालंदा(बिहार) के पोखरपुर के निवासी सेठ कुमार के पिता पुलिस में हैं और भाई भी सीआरपीएफ में हैं. भूमंत्र भारत माता के इस वीर सपूत को नमन करता है. ऐसे ही भूमिपुत्रों के कारण हमारा देश सुरक्षित है.




