-The Royal Rajputana- 

बिहार में नक्सलियों के खिलाफ संघर्ष को नई दिशा दिया था रणवीर सेना ने। भाकपा माले के दबंगई से त्रस्त सवर्ण किसानों ने रणवीर सेना का गठन किया था। भोजपुर जिला के बेलाउर गांव से बना ये संगठन धीरे-धीरे पूरे बिहार में फैल गया। राजनीति से जुड़े लोग भी इसे खूब समर्थन देते रहे और अपना हित साधने के लिए भी इसका खूब उपयोग किया।
रणवीर सेना, भारत के बिहार प्रांत का एक जातीय संगठन है, जिसका मुख्य उदेश्य बड़े जमींदारों की जमीनों की रक्षा करना हुआ करता था। रणवीर सेना की स्थापना 1995 में मध्य बिहार के भोजपुर जिले के गांव बेलाऊर में हुई थी। इसकी स्थापना के पीछे की प्रमुख वजह बिहार के सवर्ण और बड़े और मध्यम वर्ग के किसानों का भाकपा माले नामक नक्सली संगठन से त्रस्त होना था।
सुप्रीमो ब्रह्मेश्वर मुखिया की अपराधियों ने 2012 मे हत्या कर दी। वे हाल ही में जेल से बाहर आए थे, और किसानों के लिए नए सिरे से संघर्ष की घोषणा की थी। चार किलोमीटर लम्बी उनकी शव यात्रा मे 5 घंटे लग गये! 500 चार पहिया, 150 दुपहिया वाहन सहित करीब 1लाख से अधिक लोग शामिल हुए जिसमें महिलाओं की भी बड़ी संख्या थी!
(The Royal Rajputana के फेसबुक वॉल से साभार)

ज़मीन से ज़मीन की बात – भू-मंत्र

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