– संतोष कुमार (ब्रह्मर्षि नन्दन)

मुंगेर/पटना।। लोकतंत्र के इस महापर्व लोकसभा चुनाव अंतर्गत बिहार का एक इलाका ऐसा भी है जहां के चुनावी सरगर्मियों के इस माहौल में सरकार नीतीश कुमार के द्वारा पुलिसिया बल का खुल्लम खुला दुरुपयोग, कहना गलत न होगा भारतीय लोकतंत्र में नीतीश का राजतंत्र ।

मामला केवल इतना सा है अनंत सिंह जो कभी नीतीश कुमार के सबसे चहेते हुआ करते थे, आज वही अनंत सिंह ने मुंगेर लोकसभा सीट से जहां अपनी पत्नी नीलम देवी को बतौर कांग्रेस पार्टी की टिकट पर अपना उम्मीदवार उतारा है तो वहीं उसी मुंगेर सीट से नीतीश कुमार ने अपनी पार्टी जदयू से अपने बेहद करीबी मित्र ललन सिंह को टिकट देकर प्रत्यासी बनाया है ।

भूमिहार विरोधी नीतीश का ललन से याराना निभाना महज एक बहाना है, असल मकसद भूमिहारों को नीचा दिखाना है मुंगेर सीट आज नीतीश कुमार के लिए आन की बात हो गयी है और वे किसी भी कीमत पर मनमुटाव में अलग हुए अपने वर्तमान कट्टर विरोधी अनंत सिंह को मुंगेर सीट से जीत दर्ज करने से रोकने को लेकर किसी भी हद तक जाने में कोताही नहीं बरत रहे

Santosh Kumar
संतोष कुमार

ज्ञात रहे नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए बीते विधानसभा 2015 के चुनाव में भी पहले ऐसी एक कोशिश करके देख चुके हैं, जिसमें उन्हें मुंह की खानी पड़ी थी और अनंत सिंह मोकामा सीट से निर्दलिये खड़े होने के बावजूद भी भारी बहुमत से विजय हुए थे। नीतीश कुमार दुबारा औंधे मुंह गिरना नहीं चाहते इसलिए मुंगेर सीट को लेकर उन्होंने अपने प्रदेश मुखिया के पद के गरिमा तक को ताक पर रख दिया है ।

अखबार, सोसल साईट पर चल रही खबरों व मुंगेर की स्थानीय जनता के बोल, अनंत सिंह के समर्थकों का कहना कि नीतीश कुमार के सरकार में एक मंत्री की बेटी इस क्षेत्र में अधिकारी की पद पर तैनात हैं, यह पुलिसिया मैडम का अनंत सिंह समर्थकों पर आए दिन कहर टूट रहा है ।

पुलिस महकमें में तैनात नीतीश कुमार के समर्थक वर्दीधारी झूठे आरोप तक लगाकर अनंत सिंह समर्थकों को सलाखों की हवा खिलाने से नहीं चूक रहे, बावजूद इसके अनंत सिंह समर्थकों का उत्साह देखने को बनता है ।

स्वजातीय वोट बैंक की बात करें तो भूमिहार जाति का बड़ा तबका, 80℅ से ज्यादा लोग आज अनंत सिंह के साथ खड़े हैं जीत के द्वार पर खड़े अनंत सिंह को रोकने की लाख कोशिश कर लें विरोधी, जीत तो होकर रहेगी ।स्वजातीय वोट बैंक, स्थानीय जनता का आपार समर्थन साथ ही साथ महागठबंधन का साथ जो है जनाब।

पद का दुरुपयोग, लोकतंत्र की गरिमा को ठेस, विशेष रूप से चुनाव आयोग का हस्तक्षेप तो ऐसे मामलों में खासकर होना चाहिए, ताकि निष्पक्ष चुनाव को अंजाम दिया जा सके और जनता जनार्दन को उसका योग्य प्रतिनिधि मिल सके, इसके लिए प्रशासनिक फेरबदल की आवश्यकता होती है ।।

 

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