-भूमंत्र डेस्क
किरण बेदी को जब दिल्ली भाजपा के कार्यकर्ताओं ने हराया था : शीर्ष नेतृत्व जब गलत फैसले करे और रातोरात घोर विरोधी दल से नेता एक्सपोर्ट कर माथे पर बिठा दे तो विरोध की ज्वाला फूटती ही है। पिछले दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा ने आम आदमी पार्टी से किरण बेदी को एक्सपोर्ट कर दिल्ली भाजपा के माथे पर बिठा दिया।इससे दिल्ली भाजपा के कार्यकर्ताओं में इतना रोष फैला कि उन्होंने भाजपा की सबसे सुरक्षित सीट कृष्णानगर से चुनाव लड़ रही किरण बेदी को चुनाव में हरवा दिया।
बेदी की हार के बाद उनके पति ने कहा कि भाजपाइयों की वजह से उनकी हार हुई। कार्यकर्ताओं ने कोई सहयोग नहीं किया। इससे शीर्ष नेतृत्व को ये साफ संदेश मिला कि रातोरात आयात किये हुए कैंडिडेट स्वीकार्य नहीं होंगे।
बिहार और झारखंड के कई सीटों पर भाजपा के निष्ठावान कार्यकर्ताओं के साथ कुछ ऐसा ही हुआ है। उनमें से एक झारखंड की कोडरमा सीट भी है। यहां वर्तमान सांसद रवींद्र राय को टिकट नहीं दिया गया। यहां तक तो ठीक है, लेकिन उनकी जगह पार्टी के किसी दूसरे कर्मठ कार्यकर्ता को भी टिकट नहीं दिया गया और उनकी बजाए लालू की पुरानी सहयोगी राजद की अन्नपूर्णा देवी (यादव) को कोडरमा से टिकट दिया गया। ऐसे में कोडरमा के भाजपा कार्यकर्ताओं में रोष है और यहां पर अन्नपूर्णा देवी का वही हश्र हो सकता है जो दिल्ली विधानसभा चुनाव में किरण बेदी का हुआ था।





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gajab ki ekta dekhi buhmihar ko bhumiharo ko girane me.sc/st/or yadav ko upar uthane me.
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