मनोज सिन्हा जैसे ज़मीनी नेता विरले ही होते हैं. वे ऐसे नेता हैं जिनका लोहा विरोधी भी मानते हैं. तभी वे प्रधानमंत्री मोदी के भी ख़ास हैं. उन्हें दो मंत्रालयों का कार्यभार मिला है और दोनों का काम वे जिस कुशलता से कर रहे हैं वो अपने आप में अभूतपूर्व है. ख़ास बात ये है कि मंत्रालय के कार्यों को करते हुए भी वे अपने संसदीय क्षेत्र पर ख़ास ध्यान रखते हैं. गाजीपुर बराबर जाते रहते हैं और वहां के विकास की भरसक कोशिश करते हैं. वहां भी उनका काम बोलता है. अबतक उन्होंने रेल और संचार राज्यमंत्री के रूप में ढेरों परियोजनाओं की शुरुआत की है. इतने शिलान्यास किए हैं कि विरोधी भी गिनते-गिनते थक जायेंगे. वाकई में असली विकास पुरुष तो मनोज सिन्हा ही हैं.
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