केंद्रीय मंत्री अपने संसदीय क्षेत्र गाजीपुर के गरीबों के लिए किसी मसीहा से कम नहीं हैं। उसकी नयी मिसाल उन्होंने आज पेश की जब एक तीन साल की मासूम गरीब बच्ची का एडमिशन कराने वे खुद स्कूल गये जिसे देख वहां उपस्थित लोग अभिभूत हुए बिना नहीं रह सके।
दरअसल, गाजीपुर सिटी में रहने वाली एक दिव्यांग महिला रिंकू की तीन साल की बेटी गरीबी के चलते स्कूल नहीं जा पा रही थी। महिला का पति महिला को मारने की सजा में जेल में हैं और वह इतनी असहाय कि उसके लिए दो जून की रोटी का बंदोबस्त कर पाना बड़ी चुनौती होती है।इसके बारे में जब केंद्रीय मंत्री को पता चला तो वे मदद के लिए आगे आये।तीन साल से रिंकू के लिए खाने-पीने से लेकर आवश्यकता की सभी चीजें मंत्री मनोज सिन्हा के द्वारा उसको मिलने लगी।
मंत्री ने दिव्यांग महिला की मदद के लिए कदम उठाया और आज उसकी साढ़े तीन साल की मासूम बच्ची रोहानिका का स्कूल की नर्सरी क्लास में बतौर अभिभावक एडमिशन कराया। उन्होंने मासूम बच्ची की बेहतर शिक्षा के लिए न सिर्फ निर्देश दिये, बल्कि खुद को बच्ची का अभिभावक भी बताया।
मनोज सिन्हा नेे सोशल मीडिया पर लिखा-



