केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने मुस्लिम जनसंख्या को लेकर फिर निशाना साधा है। उन्होंने मुसलमानों की बढ़ती जनसंख्या को सामाजिक समरसता के साथ-साथ विकास के लिए भी बाधक माना है। उन्होंने कहा कि देश के अंदर बढ़ती हुई जनसंख्या और खासकर मुसलमानों की बढ़ती जनसंख्या सामाजिक समरसता के लिए तो खतरा है ही लेकिन विकास के लिए भी खतरा है। जहां-जहां हिंदुओं की जनसंख्या गिरी है वहां-वहां सामाजिक समरसता टूटी है, चाहे केरल का मल्लापुरम हो, चाहे बिहार का किशनगंज हो, चाहे उत्तर प्रदेश हो, चाहे कैराना हो, चाहे बिहार का रानीसागर हो, भोजपुर जिला हो। कई हजार उदाहरण हैं इसके। विकास और सामाजिक समरसता के लिए यह अच्छा सूचक नहीं है, इसलिए इस पर बहस होनी चाहिए और कानून बनना चाहिए।
गिरिराज सिंह ने ट्विटर पर लिखा था कि, ‘हिंदुस्तान में मुस्लिम की जनसंख्या इतनी है की उन्हें अब अल्पसंख्यक से बाहर होना चाहिए, आज देश को जरूरत है अल्पसंख्यक की परिभाषा पर एक बहस की।’




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