-मुकेश कुमार चुन्नू
ढेर जोगी मठ उजाड़, जी हां भूमिहार राजनीती के लिए ये बात अक्षरसः सही है। क्या छोटा क्या बड़ा कोई किसी से कम नहीं, हरेक की चाहत है विधायक-सांसद बनना । हरेक पार्टी में कई गुट है और ख़ुद स्थापित करने के क्रम में एक दूसरे को नीचा दिखाना जैसे हमारा कर्तव्य हो गया है।

आज अपने को हम अपने को राजनितिक पीड़ित कह रहे है । भाजपा से लेकर किसी भी पार्टी में हम अपना उचित अधिकार नहीं प्राप्त कर रहे है । इसका कारण यह है कि हम किसी को अपना सर्वमान्य नेता कहाँ मानते है। भाजपा के अंदर ही जितने भूमिहार नेता है क्या उनका अपना लॉबिंग नहीं है क्या ? क्या वो सभी केवल अपने सीट के जुगाड़ के आलवा कोई और काम नहीं करते। ताजा मामला गिरिराज दा का है इनके साथ जो कुछ हो रहा है उसके पीछे पार्टी के अंदर के भूमिहार नेता क्या कर रहें है ?
गिरिराज दा भी इसके लिये कम जिम्मेवार थोड़े है कभी भी अपने आप को भूमिहार नेता बतौर अपने को स्थापित करना नहीं चाहा, हिन्दुत्वाद को ही अपनी पकड़ बनाई है । लकिन आज जब उनके साथ अन्याय हो रहा है तब कोई हिंदुत्वादी लोग खुलकर सामने नहीं आ रहे । जो कुछ चिल्ला रहे है सोशल मीडिया पर वो कुछ भूमिहार के गैर-राजनीतिक संग़ठन ।
इन राजनितिक संग़ठन पर क्या कहे किसी विशेष के बुराई मैं नहीं करना चाहता परन्तु एक सत्यता जो मुझे खाये जा रही है रोज नित्य एक संग़ठन का बनना क्या दिखा रहे है अपने आप को इस तरह आप राजनितिक वर्चस्व हासिल कर पायंगे कदापि नहीं। राजनिति के शीर्ष पर बैठा हुआ व्यक्ति आपकी हर गतिविधियों को वाच करता है उसके अंदर कोई संवेदना नहीं होती केवल एक ही नब्ज़ को पहचानता है वोट बैंक, अगर वोट बैंक आपके साथ है तो ही आपको तरजीह देगा अन्यथा आप से दूरी बना लेगा ।
आज वही हो रहा है आप हरेक जगह गुटबाजी तथा अपने से ज्यादा किसी दूसरे को तरजीह न् देकर स्वयं को स्वयंभू नेता बना चुके है आपकी हालात बद से बदतर होती चली जायेगी कोई रोक नहीं सकता ।
आज होली का दिन है सभी को आपस में कटुता को त्यागने का समय है लोकसभा चुनाव के मद्यनजर रखते हुये भूमिहार-ब्राह्मण जाति आधारित जितने भी स्वयंभू संग़ठन है उनसे मैं एक बार अपील करना चाहूंगा एक मंच में आये आपसी कटुता को त्याग करें आप के बीच से बहुमत के हिसाब से नेता का चुनाव हो जाय उसके बाद आप उसे नेता मान ले और एक स्वर भूमिहार समाज को एक वोटबैंक के रूप में परिणत कीजिये। राजनितिक गलियारे में एक खनक पैदा करना होगा जीते मैं मुड़ा सत्ता मेरी होगी और मै राज करूँगा ।
सभी को होली मुबारक




