Bhajpa Ki Bhumihar Niti

– बाबू अंबुज शर्मा

★ वह दिन अब दृर नहीं, जब लोकसभा में एक भी भूमिहार नजर नहीं आएंगे। अपनी रणनीति को बदलो साथियों । राजनीति में भूमिहारों को समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है। मुज़्ज़फ़रपुर में दोनों पक्ष से गैर भूमिहार उम्मीदवार रहेंगे । वैशाली में भी ऐसा ही होगा , महराजगंज में भी ऐसा ही होने की उम्मीद है । पूर्वी चंपारण में भूमिहारों की आबादी सबसे ज्यादा है ,लेकिन भाजपा हमेशा से वहां राजपूतों को टिकट देती आई है। हमें चिंतित होने की जरूरत है कि हमारी सीटों को भाजपा राजपूतों के हवाले क्यों सुपुर्द कर रही है….

★भाजपा के 17 उम्मीदवारों में 5 राजपूत ,3 यादव, 2 ब्राह्मण, और एक भूमिहार
2014 में
6 राजपूत उमीदवार थे, इसबार 5
4 यादव उमीदवार थे, इसबार 3,
3 ब्राह्मण उमीदवार थे इसबार 2,
3 बनिया कलवार थे, इसबार भी 3
लेकिन 3 भूमिहार उमीदवार थे जो अब रह गए 1,

तय कीजिये ठगा गया किसको?
सबसे ज़्यादा  बूथ पर polarization के लिए लड़े हम और मेवा ?

बिहार मे यादव के बाद सर्वाधिक संख्या हमारी 8.३ प्रतिशत फिर भी राजनैतिक अछूत हम क्यूं?

राजपूत ३% और सीट ५
बनिया १% सीट ३

क्या बनिया भाई से भी कम हो? पकड लो बाबा जी का ठुल्लु और करो जय मोदी

कांग्रेस ने अखिलेश सिंह को मोतिहारी और भागलपुर मांगने पर कुङक दिया है
कांग्रेस से भी बस एक सीट मुंगेर

राजद शून्य

जद यु १ या २

पाटलिपुत्र भागलपुर मोतिहारी नालंदा औरंगाबाद के बाभन विचार दे यहाँ से शिवसेना से भुमिहार उतारा जाए?

(लेखक के सोशल मीडिया प्रोफ़ाइल से साभार)