मोकामा के विधायक अनंत सिंह फिर सुर्ख़ियों में हैं. 22 महीने पहले गिरफ्तारी को लेकर सुर्ख़ियों में थे और अबकी रिहाई को लेकर सुर्ख़ियों में हैं. तकरीबन दो वर्ष पहले उन्हें 4 युवकों के अपहरण और इनमें से एक की हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया था.दरअसल 17 जून,2015 को पटना के बाढ़ बाजार क्षेत्र में चार युवकों ने एक महिला से छेड़छाड़ की थी जिसे लेकर काफी हंगामा हुआ. आरोप है कि अनंत सिंह के इशारे पर उनके लोगों ने चारों युवकों को अगवा कर लिया जिसमें से एक युवक की दर्दनाक तरीके से हत्या कर दी गई थी.उसी मामले में अनंत सिंह की गिरफ्तारी हुई थी. वैसे वे पहले भी चर्चा में रहे हैं और पत्रकार पिटाई के मामले में जेल भी जा चुके हैं. उनके समर्थक उन्हें गरीबों का मसीहा बताते नहीं थकते तो विरोधी उन्हें गेंगस्टर बताते हैं. आइये न्यूज़18 की जुबानी जानते हैं कि आखिर अनंत सिंह हैं कौन?
मोकामा में छोटे सरकार की तूती –
2005 पहली बार मोकामा से चुनाव जीतने वाले अनंत सिंह को अपने इलाके में छोटे सरकार के नाम से भी जाना जाता है। मोकामा के इस डॉन की सरकार अलग ही चलती है। उसकी धमक इस पूरे इलाके में चलती है और कोई उसके खिलाफ बोलने की हिम्मत नहीं करता। अनंत सिंह पर बिहार में करीब 35 आपराधिक मामले दर्ज हैं लेकिन सरकार के दबाव के चलते पुलिस उसके खिलाफ कभी कोई कार्रवाई नहीं कर सकी। 2005 में लालू प्रसाद यादव के खिलाफ चुनाव लड़ने के दौरान नीतीश ने बिहार को अपराधियों से मुक्त करने का वादा तो किया लेकिन बताते हैं कि चुनाव जीतने के लिए अनंत का ही सहारा लिया।
अनंत सिंह के आगे नीतीश भी नतमस्तक –
नीतीश के सत्ता में आने के बाद बिहार में हजारों अपराधियों को जेल भेजा गया। इनमें लालू प्रसाद का करीबी मोहम्मद शहाबुद्दीन भी शामिल था, लेकिन अनंत सिंह को छूने की हिम्मत किसी में नहीं हुई। कहा जाता है कि नीतीश ने एक तरह से अनंत को अभयदान दे रखा था। उधऱ, चुनाव जीतने के साथ ही अनंत सिंह ने खुद को बाहुबली के तौर पर स्थापित करने की कोशिश शुरू की। 2007 में अनंत का नाम एक महिला से बलात्कार और हत्या के मामले में सामने आया। जब एक पत्रकार ने उनसे इस संबंध में सवाल पूछा तो उसकी बेरहमी से पिटाई कर डाली। मामले ने तूल पकड़ा तो अनंत की गिरफ्तारी भी हुई और वह कुछ दिन जेल में भी रहे, लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने चुप्पी साध ली।
मौत को भी जिसने दो बार दी मात –
कुछ साल पहले अनंत सिंह का एक वीडियो आया था जिसमें वह एके 47 राइफल लेकर नाचते दिख रहे थे। टीवी चैनलों पर आईं ये तस्वीरें बयां कर रही थी कि इस बाहुबली की अपने इलाके में कैसी धमक है। इसने बताया कि अनंत को नीतिश कुमार सरकार में छोटा सरकार यूं ही नहीं कहा जाता है। बिहार के अन्य बाहुबली शहाबुद्दीन, आनंद मोहन और पप्पू यादव पर कानून ने वक्त आने पर शिकंजा जरूर कसा, लेकिन अनंत सिंह पर हाथ डालने की कानून ने कभी कोशिश नहीं की। अनंत पर दो बार जानलेवा हमला भी हो चुका है, लेकिन वह मौत को भी मात दे गया।
चीफ मिनिस्टर को टीवी पर खुलेआम दे डाली धमकी –
हमेशा बॉडीगार्ड से घिरे रहने वाले अनंत सिंह के आतंक का इससे भी अंदाजा लगाया जा सकता है कि उनहोंने बिहार का मुख्यमंत्री रहते हुए जीतनराम मांझी को धमकाया था। अनंत ने यह धमकी तब दी थी जब मांझी ने नीतिश कुमार के खिलाफ बगावत की थी। इससे पहले अनंत नीतीश सरकार में मंत्री रहीं परवीन अमानुल्लाह को भी खुल्लेआम धमकी वे दे चुके हैं। बताते हैं कि अनंत पहली बार उस वक्त जेल गए थ जब वह महज 9 साल के थे। उसके बाद अपराध की दुनिया में उनका जो जलवा कायम किया, वो अभी तक कायम है। आलम यह है कि लोग अनंत सिंह नाम लेने से भी डरते हैं। लोगों का यहां तक कहना है कि जिसने भी अनंत सिंह के खिलाफ जाने की कोशिश की उसकी हत्या कर दी गई।
घोड़े पर सोने का मुकुट पहनकर गए थे हमला करने –
अनंत सिंह का अपने इलाके में इतना खौफ है कि जब भी शहर में कोई घटना होती है तो लोग पुलिस से पहले उसके पास जाते हैं। 1990 के दशक में इसके पास के ही गांव के बदमाश ने बाढ़ बाजार से व्यापारी का अपहरण कर लिया था। पुलिस कुछ नहीं कर पाई और मामला अनंत सिंह के पास गया। अनंत ने अपने गुर्गो के साथ अपहर्ता के घर धावा बोल दिया। दोनों ओर से जबर्दस्त गोलीबारी हुई जिसमें कई लोग मारे गए। हालांकि बाद में इस घटना को जातिवाद का रंग दे दिया गया, क्योंकि कई बड़े नेता भी इस लड़ाई में कूद गए थे। खास बात यह है कि अनंत जब धावा बोलने आया तो घोड़े पर सबसे आगे वही था और सिर पर सोने का मुकुट पहना हुआ था।
बग्घी पर सवारी और भोजपुरी गाना –
2013 में अनंत फिर चर्चा में आए जब वह अपनी शानदार मर्सडीज छोड़कर बग्घी पर सवार होकर विधानसभा पहुंचे। पटना की सड़क पर खुद बग्घी चलाकर निकला और देखने वाले देखते रह गए। पूछे जाने पर अनंत ने कहा, मैंने दिल्ली से बग्घी बनवाई और यहां लेकर आया। मैं तब से इसकी सवारी का मजा ले रहा हूं और इसमें ईंधन भी नहीं लगता। खास बात ये है कि इस बग्घी में लाइट और म्यूजिक सिस्टम भी लगा हुआ है। सवारी के दौरान बैकग्राउंड में एक गाना भी चल रहा था, हम हैं मगहिया डॉन, लोग कहें छोटे सरकार। ये गाना एक भोजपुरी फिल्म के लिए तैयार किया गया था जिसमें खुद अनंत सिंह अभिनय करने वाले थे।



