केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा अपने शांत-सौम्य व्यवहार के लिए जाने जाते हैं. लेकिन कई बार लोग इसका बेजा फायदा भी उठाते हैं और कुछ इस कदर दवाब बनाते हैं कि शांत स्वभाव आदमी भी बिफर जाता है. मनोज सिन्हा के साथ भी ऐसा ही हुआ जब वे गाजीपुर जिले की जमानिया विधानसभा क्षेत्र में एक सम्मान समारोह में शिरकत करने पहुंचे. वहां जब वे डाकबंगले से निकले तो उसी समय कुछ स्थानीय लोगों ने उनपर ट्रेन नंबर 2142 को जमनिया या भदौरा स्टेशन पर ठहराव के लिए दवाब बनाने की कोशिश की. इसपर मनोज सिन्हा ने झल्लाकर कहा कि जाइए सारी ट्रेनों को रूकवा दीजिये. इसपर किसी ने वहां कह दिया कि ठीक है जाइए. ये बात रेलमंत्री को लग गयी और उन्होंने मंच पर पहुँचते ही इस बात को लेकर अपनी नाराजगी जता दी. उन्होंने कहा कि गाड़ी रूकवाना बड़ा काम लगता है और इसके लोग दवाब बनाते हैं. लेकिन मैंने किसी के दवाब में कभी काम नहीं किया. मेरा संकल्प सेवा करना है और आवश्यकता पड़ी तो मैं 2019 में चुनाव भी नहीं लडूंगा.
फिर उन्होंने कहा कि मैं कोई अनजान नहीं हूँ, 40 साल से यही काम कर रहा हूँ और जानता हूँ कि किसकी रूचि क्षेत्र के काम में है और किसी ठेके में. क्षेत्र की प्राथमिकता के आधार पर आप मुझसे मिल सकते हैं लेकिन दवाब में डालकर मुझसे गाड़ी नहीं रुकवा सकते. मैं इस बात से भयभीत नहीं कि आप मुझे वोट देंगे या नहीं. हार से मैं डरता नहीं. वे जमानिया विधानसभा में अति पिछड़ा,अति दलित संघ एवं अखिल भारतीय मुसहर कल्याण समिति की ओर से आयोजित अभिनन्दन समारोह में शिरकत करने गए थे.




