तेजी से उभरते युवा नेता बाल्मीकि कुमार सिंह के अनुसार जहानाबाद सीट पर विजय पाना अबकी भूमिहार अस्मिता का सवाल बन गया है और ऐसे में सबको एकजुट होकर तन, मन और धन से अरुण कुमार की जीत के लिए प्रयत्नशील होना चाहिए। बकौल बाल्मीकि कुमार सिंह के अनुसार –
जहानाबाद में लोकसभा चुनाव NDA बनाम UPA नही है। यह चुनाव भुमिहार अस्मिता बनाम ‘लालू – नीतीश – सुशील’ हो चुका है। पाटलिपुत्र, मुज़फ़्फ़रपुर, वैशाली, मोतिहारी, महराजगंज जैसे परंपरागत सीट को भुमिहार विहीन करने के बाद इस ‘लालू-नीतीश-सुशील’ की तिकड़ी की नज़र जहानाबाद पर आ टिकी है ।
लेकिन जहानाबाद क्रांतिकारियों की भूमि है जहानाबाद लड़ने के लिए मशहूर है और जब आंच समाज के अस्तित्व पर आए तो टकराना भी जरूरी है । अरुण कुमार जहानाबाद से ताल ठोक दिए है।
इस हालात में हमे आपसी कलह को भूलकर जहानाबाद मे समाज का ध्वज लहरे उस पर आत्म बल और वोट बल की जरूरत पड़ेगी ।
हिचकिचाने का समय नहीं है जिसकी जो क्षमता है लगा दीजिए । यह वक़्त अपनी सारी विरोधों को भुलाकर एक होने का है । अन्यों का भी साथ चाहिए ऐसा मैसेज होना चाहिए जिससे अन्य वोट हमारे साथ आएं-अपने पक्ष का हर एक वोट कीमती है।
हमे किसी भी हाल में जहानाबाद लोकसभा चाहिए वरना हम कमज़ोरों की तरह अस्तित्व विहीन हो जाएंगे।




