तथाकथित दलित चिंतक दिलीप मंडल की नीयत पर शायद ही किसी को शक हो. पक्ष और विपक्ष तमाम लोग जानते हैं कि इंडिया टुडे के पूर्व प्रबंध संपादक सुनियोजित एजेंडे के तहत दिन-रात सवर्णों को उकसाते रहते हैं. उनके एफबी स्टेट्स जातिवाद से इस कदर ग्रस्त है कि दूर से ही बास मारते हैं. ऐसा एक भी किस्सा प्रकाश में नहीं आया जिसमें दिलीप मंडल की वजह से किसी गरीब-गुरबे या दलित का भला हो गया हो. फिर भी दावा कि हम दलित चिंतक हैं. यही वजह है कि दलित चिंतक भी दिलीप मंडल को ख़ारिज करते हैं क्योंकि सबको पता है कि वे अपनी रोटी सेंकने की मुहिम में शार्टकर्ट तरीका अपना रहे हैं.शरद यादव से उनकी नजदीकी किसी से छुपी नहीं है और उसका क्या इनाम मिला ये भी सब जानते हैं.उनकी एक किताब की प्रस्तावना भी शरद यादव ने ही लिखी है.बहरहाल वे लालू सपोर्टर भी हैं. बहुत दिनों से लगातर लालू यादव एंड सन्स की तारीफ़ में जुटे थे. उसका ईनाम उन्हें अब जाकर मिला है और वे एक तरह से एक्सपोज भी हो गए हैं. इस इनाम के तहत राजद के राजगीर में चल रहे प्रशिक्षण कार्यक्रम में उन्हें सोशल मीडिया एक्सपर्ट के तौर पर बुलाया गया. तमाम फाइव स्टार सुविधाएं दी गयी और अंत में लालू यादव के हाथों सम्मान भी मिला. पेमेंट तो पहले ही मिल चुका होगा क्योंकि बिना पेमेंट लिए तो दिलीप मंडल स्टैटस का एस भी नहीं लिखते. ख़ैर देखिये दिलीप मंडल को लालू यादव से सम्मान ग्रहण करते –
dilip mandal
दिलीप मंडल से पुरस्कार लेते दिलीप मंडल (दाहिनी तरफसूट-बूट में )

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