बूचड़खाना बनाम गोशाला : योगी आदित्यनाथ की सियासत

yogi aditynath
गिरीश पंकज- 
योगी आदित्यनाथ जी, अब पलटिये मत !! वैध और अवैध बूचड़खाना क्या होता है? बूचड़खाना बूचड़खाना है, जहां बेचारे पशु कटते हैं। ये कैसा समाज बना लिया है हमने कि मनुष्यों के स्वाद-शौक के लिए पशुओं को मार कर खाया जाए?
फिर चाहे भैस हो, चाहे बीमार बता कर चालाकी से काटे जाने वाली गाय हो अथवा अन्य कोई जीव. उत्तरप्रदेश में अभी अवैध बूचड़खाने बन्द हो रहे हैं। इसके बाद ”वैध” भी बन्द होने चाहिए।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने सार्वजानिक सभा में तो यही कहा था. भूल गए क्या?
योगी जी, अगर आप सचमुच योगी हैं तो उत्तर प्रदेश में – मनुषय की क्रूरता के प्रतीक बन चुके – सभी ‘तथाकथित वैध’ बूचड़खाने भी बन्द होने चाहिए। मैंने सुझाव दिया था कि बन्द बूचड़खानों में गौ शालाएं संचालित हो. जहाँ देसी गाय भी पले और भैसे आदि भी।
 (लेखक की यह टिप्पणी उनके सोशल मीडिया प्रोफाइल से ली गयी है.)
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