उ.प्र.में चली मोदी की आंधी में ‘अजय राय’ का किला भी ध्वस्त हो गया.वे कांग्रेस के टिकट पर पिंडारी विधानसभा क्षेत्र से खड़े थे और पिछले पांच बार से लगातार जीत रहे थे.लेकिन इस बार भाजपा के अवधेश सिंह के हाथो मात खानी पड़ी. वे तीसरे नंबर पर रहे. उन्हें महज 48189 वोट मिले जबकि अवधेश सिंह को 90614 वोट मिले.
पिछले चुनाव में अजय राय को 52 हजार वोट मिले थे. अजय राय तब पहली बार सुर्ख़ियों में आये थे जब पिंडारी विधानसभा क्षेत्र से उन्होंने पहली बार नौ बार के विजेता रहे दिग्गज कम्युनिस्ट नेता ऊदल को हराकर सीट हासिल की थी.उसके बाद वे वहां से लगातार जीतते आ रहे थे. वर्ष २०१४ में उन्होंने राष्ट्रीय राजनीति में हाथ आजमाया था और प्र.मोदी के खिलाफ बनारस से लडे थे.
अलग-अलग चुनावी विशेषज्ञों की माने तो नरेन्द्र मोदी की लहर के अलावा पिण्डरा विधानसभा में इस बार जातिगत समीकरण भी बदला जिसका फायदा अवधेश सिंह को हुआ. अवधेश सिंह भी भूमिहार हैं और इस बार मोदी की लहर में भूमिहारों के वोट बैंक का रुझान अवधेश सिंह की तरफ रहा.
हालाँकि इस क्षेत्र में भूमिहारों के आलावा मौर्य और ब्राह्मण भी जीत- हार में प्रमुख भूमिका निभाते हैं.इनका भी समर्थन अबकी भाजपा को मिला और अवधेश सिंह को बड़ी जीत हासिल हुआ. बहरहाल पिंडरा विधानसभा क्षेत्र की सीट भूसमाज के खाते में रही.एक भूमिहार हारा,दूसरा हारा.लेकिन सीट भू-समाज के पास ही रहा.
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