baikuntha shukla
मुजफ्फरपुर(बिहार). अमर शहीद बैकुंठ शुक्ल की 83वीं पुण्यतिथि पर मुजफ्फरपुर में 14 मई को बलिदान दिवस समारोह का आयोजन किया जा रहा है. बलिदान दिवस के अगले दिन यानी 15 मई को उनकी एक भव्य प्रतिमा का अनावरण भी किया जाएगा. बिहार विधानसभा के अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी प्रतिमा का अनावरण करेंगे. उल्लेखनीय है कि प्रतिमा का निर्माण राज्य सरकार ने अपनी निधि से कराया है. इसके लिए 27 लाख रुपये आवंटित किए गए थे. इस बाबत आचार्य चंद्रकिशोर पराशर सोशल मीडिया पर लिखते हैं – 
श्रद्धांजलि- प्रतिमा अनावरणः- बिहार के गया स्थित केन्द्रीय कारागृह में कठोर यातना को झेलते हुये फाँसी के फंदे को चुमनेवाले प्रथम बिहारी-शहीद विप्लवी बैकुण्ठ शुक्ल की स्मृति में 14 – 15 मई को आयोजित निम्नलिखित समारोह में आप देशभक्तों की गरिमामय उपस्थिति सादर निवेदित है ।” 

 कौन हैं बैकुंठ शुक्ल : 

बैकुंठ शुक्ल का जन्म 15 मई, 1907 लालगंज थानांतर्गत जलालपुर गांव में हुआ था. उनके पिता राम बिहारी शुक्ल किसान थे. वे आज़ादी के मतवाले थे और इसी उद्देश्य की पूर्ति हेतू जान हथेली पर लेकर देश की स्वतंत्रता के आंदोलन में कूद पड़े. उन्होंने उस फणीन्द्र नाथ घोष को दिनदहाड़े बेतिया के मीना बाजार में कुल्हाड़ी से काट डाला जिसकी गवाही के आधार पर भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को फांसी पर लटका दिया गया था. इसी घोष की हत्या के आरोप में उन्हें अंग्रेज सरकार की तरफ से फांसी की सजा मिली.

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