उतरप्रदेश और उत्तराखंड में भाजपा के प्रचंड बहुमत के बाद ढेरों लोगों की सियासत ख़त्म हो गयी है. हालत ये है कि वे हार की वजह तक बता नहीं पा रहे. इसलिए अब सारा दोष EVM मशीन पर थोप रहे हैं और इस मुहिम में मायावती के बाद अब दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल भी शामिल हो गए हैं. आज उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर EVM मशीन में गड़बड़ी होने की शंका प्रकट की. इस संबंध में उन्होंने पंजाब के कुछ पोलिंग बूथ के वोटिंग परसेंटेज का भी उदाहरण के तौर पर जिक्र किया.पंजाब में अकाली दल को मिले 30% वोटिंग शेयर पर भी उन्होंने सवाल उठाया.मालवा का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वहां AAP की जीत पक्की थी. लेकिन परिणाम कुछ और ही आये. इससे लोगों का EVM पर भरोसा कमजोर होगा. इसलिए इसकी जांच होनी चाहिए. हालांकि केजरीवाल ने चुनाव निरस्त करने की मांग नहीं की. उन्होंने साफ़ किया कि ऐसा करना संभव नहीं,लेकिन आगामी चुनावों के मद्देनज़र वोटिंग मशीन की विश्वसनीयता सुनिश्चित की जानी चाहिए.देखिये तस्वीरों के जरिये अरविन्द केजरीवाल के सवाल –

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