manoj sinha
भूमिहार ब्राहमण समाज राजनीति में लगातार हाशिए पर जा रहा है. शिक्षित नेताओं का अभाव है और राष्ट्रीय फलक पर ऐसा कोई नहीं दिखता जो समाज को दिशा दिखा सके. हाँ ये जरूर है कि लंबे समय के बाद मनोज सिन्हा के रूप में एक उम्मीद की किरण जरूर दिखी. लेकिन उनके अलावा ऐसा कोई नहीं जो उम्मीद जगाता हो. ज्यादातर नेता या तो बाहुबली हैं या फिर उनकी छवि दागदार है और जिन्हें आदर्श नहीं माना जा सकता. इसके लिए समाज के शिक्षित लोग भी कम दोषी नहीं. उन्होंने राजनीति में दखल की बजाए सुविधा संपन्न जीवन को चुना और राजनीति की बागडोर बाहुबली और दागदार नेताओं के हाथ में थमा दी. इसी मुद्दे पर ‘गौरव कुमार सिंह’ की एक छोटी से टिप्पणी (परशुराम)
gaurav kumar singh
गौरव कुमार सिंह
गौरव कुमार सिंह- 
भूमिहार ब्राहमण जब तक लठैत व्यक्ति को नेता बनायेगा,तबतक पराभाव बना रहेगा।काबिल व्यक्ति के पीछे खड़ा होइये। देखते हैं कौन नकारता है। लेकिन हमलोग तो कभी अनंत सिंह तो कभी आदित्य सिंह, कभी सुरजभान सिंह और कईयेक को लेके मदमस्त रहते हैं। 
माना कि सुरक्षा के लिये लठैत जरूरी है लेकिन उसको राजपाठ दे दिजीयेगा तो राजपाठ कितना दिन चलेगा।सोचिये कभी कि सबसे बुद्धिजीवी वर्ग का नेता गिरिराज सिंह,अनंत सिंह,और सुरजभान होना चाहिये?ये त्रासद है या नहीं।
कहने का अभिप्राय है कि काबिल के पीछे एकजुट होईये,अपने अगल-बगल कोई होनहार कुछ अच्छा कर है तो उसको भरसक प्लेटफार्म उपलब्ध कराईये,कोइ इग्नोर कैसे कर देगा। 
मनोज सिंहा का यूपी में  कितना % स्वजातीय मतदाता है, लेकिन राष्ट्रीय फलक पर तारीफ बटोर रहे हैं  क्योंकि काबिलियत है। बार-बार कोई योगी थोड़े न काटेगा. बिहार में अगर 20 मनोज सिन्हा हो जाय तो न अलग पार्टी, न अलग नारे की जरुरत होगी। मेरा ये मानना है। आप अपनी राय दे सकते हैं। (गौरव कुमार सिंह)

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3 COMMENTS

  1. एक दम सही..
    समाज का जो युवा जो शिक्षित , कर्मठ है और राजनीति में आना चाहता है तो समाज को भी उसे आगे बढ़ना चाहिए

  2. बहुत अच्छी बात आपने मनोज सिन्हा जी को आदर्श मानें। हम सब मनोज सिन्हा अपने को मानें। एक दूसरे के शिकायत से परहेज करें। एक दूसरे के आबश्यकता पर मदद का भाव बनावें अभी भी कुछ नही बिगड़ा है। राजनैतिक, समाजिक और आर्थिक सभी स्थितियों में हमारा कोई सानी नहीं है। जय परशुराम।

  3. Bilkul sahi bat aap bol rhe haii……aaj kl jo hamare yuva haiii v enhi glt logo jaisa bnane ki nakam kosis kar rhe haii…..hamare samaj ki phchan enlogo se nhi hona chaiye ……..hamre koi yuva monoj singh bnane ki kosis nhi karta ye behd galt bat haiii…….hamri pahchan en logo se nhi hona chahiye…..hmlog budhijiviyo me aate haiii….hamre samaj ko enlogo ne ganda kiya haiii…apne namo se ..jiske karàn hamri phchan galt ho gaie haiii…….

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