केंद्रीय राज्यमंत्री गिरिराज सिंह बयान दें और उसपर विवाद न हो, ऐसा हो सकता है क्या? सो एक बार फिर विवाद शुरू हो गया है.इस बार मामला नसबंदी का है.गौरतलब है कि गिरिराज सिंह ने दो दिन पहले अपने संसदीय क्षेत्र नवादा(बिहार) में बयान दिया था कि नोटबंदी की तर्ज पर नसबंदी भी लागू की जाए ताकि जनसंख्या पर नियंत्रण किया जा सके.उनके इसी बयान पर सियासी गलियारों में बवाल मचा हुआ है.
बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार ने गिरिराज सिंह के बयान को बकवास तक कह डाला.उन्होंने सचिवालय में रविवार को आयोजित पहले लोक संवाद कार्यक्रम में भाग लेने के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान इस मुद्दे पर बोलते हुए कहा कि देश ने नसबंदी के प्रभाव को पूर्व में देखा है. जनसंख्या नियंत्रण नसबंदी से नहीं बल्कि शिक्षा के माध्यम से होगी.वहीं जेडीयू नेता अली अनवर ने भी गिरिराज के बहाने पूरी भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि नसबंदी की योजना बड़े पैमाने पर लागू होगी या नहीं इस बारे में तो बाद में पता चलेगा लेकिन नोटबंदी की इस योजना से बीजेपी की नसबंदी जरूर हो जाएगी. वहीं कांग्रेस के बिहार प्रदेश अध्यक्ष अशोक चौधरी ने कहा कि गिरिराज ऐसे बयान के द्वारा समाज में सनसनी पैदा करने का प्रयास कर उसे विभाजित करने की कोशिश कर रहे हैं.
बहरहाल ये तो रही विपक्षी पार्टियों की बात, लेकिन उनके अपने पक्ष के लोग भी खुलकर सामने नहीं आए. बिहार भाजपा के नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद राय ने नसबंदी शब्द से किनाराकशी करते हुए कहा कि किसी संदेश को पहुंचाने के लिए शब्दों के चयन पर कुछ मतभेद जरूर हो सकता है.दरअसल हम नसबंदी नहीं जनसंख्या विस्फोट पर नियंत्रण के लिए परिवार नियोजन की बात कर रहे हैं. उधर राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि मंत्री जी को अपने पद की गरिमा का ध्यान रखकर बयान देना चाहिए.सस्ती लोकप्रियता के लिए विवादस्पद बयान नहीं देना चाहिए.



