सेनारी के कसाइयों में से एक कसाई दुखन कहार का फैसला भले बाद में हुआ लेकिन परिणाम यमराज के पक्ष में हुआ. अब दुखन कहार के दुःख के अंत करने लिए यमराज कहार स्वयं आयेंगे और गले में फंदा डालकर घसीट कर ले जायेंगे.

सेनारी नरसंहार मामले में दुखन कहार नाम के एक और आरोपी को जहानाबाद के कोर्ट ने फाँसी की सजा सुनाई है.

गौरतलब है कि सेनारी नरसंहार मामले में ये ग्यारहवीं मौत की सजा है. इसके पहले 15 नवंबर को कोर्ट ने 10 आरोपियों को मौत की सजा सुनाई थी.

सत्रह साल पहले 18 मार्च 1999 की रात प्रतिबंधित नक्सली संगठन एमसीसी (माओवादी कम्युनिस्ट सेंटर) के हथियारबंद दस्ते ने 34 किसानों की हत्या कर दी थी.

 

 

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