शेखपुरा। बिहार केसरी डॉ.श्रीकृष्ण सिंह के नाम पर उनके कद के हिसाब से बहुत कम संस्थानों और जगहों के नाम बिहार में है. दरअसल बिहार के पहले मुख्यमंत्री डॉ.श्रीकृष्ण सिंह को तभी याद किया जाता है जब एक खास जाति के लोगों का वोट इनकैश कराना होता है. फिर एक बार काम खत्म होते ही उन्हें भुला दिया जाता है. बहरहाल अच्छी बात ये है कि उनके नाम पर स्थित डॉ. श्रीकृष्ण सिंह आइटीआइ को सरकार ने हरी झंडी दे दी है और अब ये मान्यता प्राप्त संस्थान बन चुका है. इसकी ज़िम्मेदारी अरुण साथी वहन करेंगे. फेसबुक पर इस बाबत सूचना देते हुए वे लिखते हैं –
अरुण साथी : डॉ श्री कृष्ण सिंह आईटीआई को मान्यता मिल गयी। एक नयी जिम्मेवारी कंधे पे ली है। उम्मीद है शुभचिंतकों और मित्रों के सहयोग और सद्भावना से इसका सफलतम निर्वहन कर सकूंगा
जागरण में छपी खबर – डॉ. श्रीकृष्ण सिंह आइटीआइ को मिली मान्यता
शेखपुरा। डॉ. श्रीकृष्ण सिंह आइटीआइ को मान्यता मिल गई है। बिहार केसरी के नाम पर स्थापित इस संस्थान में युवाओं को कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए सत्र 2016 तथा 2018 के लिए नामाकन लिया जा रहा है। यह मान्यता श्रम और रोजगार मंत्रालय भारत सरकार के रोजगार एवं प्रशिक्षण महानिदेशालय (स्किल इंडिया) द्वारा दी गयी है।
जानकारी देते हुए निदेशक अरुण साथी ने बताया कि एनसीवीटी और क्यूसीआई के द्वारा निर्धारित सभी मानकों को पूरा किये जाने के बाद यह मान्यता दी गयी है। नए संस्थान सत्र 16 से 18 के लिए नामाकन ले सकते है। हालांकि नामाकन समय बहुत कम दिया गया है जिससे छात्रों तो शीघ्रता करनी होगी। इसके लिए मैट्रिक पास होना आवश्यक है। निदेशक ने बताया कि आज के समय में बिहार और भारत सरकार युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए लगातार पहल कर रही है। इसी पहल में सहभागिता देते हुए बरबीघा में एसकेआर कॉलेज के पास आइटीआइ खोला गया है ताकि युवाओं को कौशल विकास के लिए प्रशिक्षित कर उनको रोजगारोन्मुख किया जा सके। संस्थान में इलेक्ट्रीशियन और फिटर ट्रेड की पढ़ाई कराई जाएगी।



