उत्तरप्रदेश चुनाव परिणामों के बाद पूरे देश की नज़र प्रदेश के भावी मुख्यमंत्री को लेकर है.इस रेस में राजनाथ सिंह,मनोज सिन्हा,केशव प्रसाद मौर्य,योगी आदित्यनाथ आदि कई नाम है. वैसे इस पद के लिए राजनाथ सिंह का कोई मुकाबला नहीं. यदि उनकी सहमति होगी तो वे ही मुख्यमंत्री होंगे. लेकिन सूत्र बताते हैं कि इस पद के लिए वे खुद ही इच्छुक नहीं. राष्ट्रीय राजनीति से एक बार फिर वे राज्य की राजनीति में वापस नहीं जाना चाहते. ऐसे में सवाल उठता है कि राजनाथ नहीं तो कौन? 
दरअसल ये एक मुश्किल सवाल है.लेकिन जातीय समीकरणों की बात छोड़ दीजिये तो सबसे उपयुक्त नाम के रूप में केंद्र सरकार के मंत्री और गाजीपुर से सांसद मनोज सिन्हा का नाम आ रहा है.भू मंत्र के सूत्र भी यही बता रहे हैं कि मनोज सिन्हा के नाम पर मुहर लग सकती है. वे मुख्यमंत्री पद के सबसे प्रबल दावेदार बनकर उभर रहे हैं. कई ऐसी वजह है जो उनको मुख्यमंत्री पद का सबसे प्रबल दावेदार बनाती है. भू-मंत्र आपके सामने पांच ऐसे कारण रख रहा है जो मुख्यमंत्री पद के लिए मनोज सिन्हा की दावेदारी को सबसे मजबूत बनाता है : 
1- मनोज सिन्हा की साफ़-सुथरी छवि है और उन्हें प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह का करीबी भी माना जाता है. पीएम मोदी के नारे सबका साथ सबका विकास के अमली जामा पहनाने की उनमें क्षमता है.फिर उनकी कोई कट्टरपंथी छवि भी नहीं. 
2-मनोज सिन्हा के पास संचार मंत्रालय की ज़िम्मेदारी के साथ-साथ रेलवे राज्य मंत्री का भी अतिरिक्त प्रभार है.अबतक उनका काम अच्छा रहा है और इसी वजह से पार्टी में उनका कद तेजी से बढ़ा है. खुद प्रधानमंत्री मोदी कई मंचों से उनकी तारीफ़ कर चुके हैं. 
3-उत्तरप्रदेश चुनाव के मद्देनज़र पूर्वांचल पर भाजपा की विशेष नज़र थी और इसके लिए मोदी-शाह ने मनोज सिन्हा पर विश्वास जताकर चुनाव की ज़िम्मेदारी उनपर सौंप दी थी जिसमें वे शत प्रतिशत खरे उतरे. पूर्वांचल में भाजपा ने शानदार प्रदर्शन किया. अपने संसदीय क्षेत्र के सात में से पांच सीट पर भाजपा को जिताने में भी मनोज सिन्हा कामयाब रहे. 
4-आईआईटी बीएचयू से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक और एमटेक की डिग्री हासिल करने वाले मनोज सिन्हा अपने आप को लो-प्रोफाइल रखकर चलना पसंद करते हैं.लेकिन इस चुनाव में उन्होंने साबित कर दिया किया कि वे अच्छे रणनीतिकार भी है जो उनकी दावेदारी को मजबूत बनाता है. 
5- 2019 के लोकसभा चुनाव के दृष्टिकोण से उत्तरप्रदेश सर्वाधिक महत्वपूर्ण राज्य है.मोदी-शाह को अपनी नीतियों के कार्यान्वयन के लिए कोई ऐसा व्यक्ति चाहिए जो प्रदेश की ज़मीनी हकीकत को समझते हुए केंद्र की योजनाओं को राज्य में कुशलतापूर्वक लागू कर सके.इस दृष्टिकोण से मनोज सिन्हा सही चुनाव है. उनका प्रशासकीय अनुभव उनकी दावेदारी को और संबल प्रदान करता है.
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