आइए आज आप सभी से थाइरोइड से जुड़ी कुछ हम जानकारियां साँझा करता हु।

थाइरोइड की बीमारी दो प्रकार की हाइपो थाइरोइड और हाइपर थाइरोइड होती है, दोनो के लक्षणों में काफी फर्क होता है, मुखयतः पुरुषों की तुलना स्त्रियों में ज्यादा पाया जाता है,

Hypothyroid के कुछ लक्षण:

जल्द थकान होना,
दम फूलना,
वजन बढ़ जाना,
कब्ज होना,
बदन में दर्द,
पैरो में , अन्य शरीर के हिस्सों में सूजन,
कमजोरी होना,
ठंड बर्दाश्त न होना,
अवसाद होना, मन नही लगना
बालो का गिरना…

TSH T3 T4 द्वारा जांच से हम सभी थायरोक्सिन के लेवल को खून में जान सकते है,

थाइरोइड की जांच 6 से 12 सप्ताह में करानी चाहये।

LThyroxine दवाई के रूप में रोज़ डॉक्टर द्वारा बताई गई सही dose में नित नियम सुबह खाली पेट लेनी चाहये, कभी बिना डॉक्टर के परामर्श नही छोड़नी चाहये,

याद रखे thyroxine tablet बेहद जरूरी होती है जिससे शरीर के अंदर हो रही थाइरोइड हॉर्मोन की कमी को पूरा किया जा सकता है,

थाइरोइड की बीमारी multisystem होती है जिसमे शरीर के हर अंग हर जगह को नुकसान पहोच सकता है, अतः समय समय पर जांच करवाएं और दवाई लेते रहे।

खान पान में पतेदार सब्जियी से दूर रहे जिनसे l thyroxine के absorption में दिक्कत आती है, जैसे सांग, पता गोभी, धनिया पता,इत्यादि।

जय हिंद जय स्वास्थ्य क्रांति…

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