सत्रह साल बाद फैसला आया तो सेनारी नरसंहार के अधिकाँश अपराधी सबूतों के अभाव में छूट गए.सिर्फ पंद्रह लोग हीई दोषी साबित हुए. उसमें से दस को सजाये मौत और तीन को आजीवन कारावास की सजा मिली.दो फरार हैं और एक पर फैसला आना बाकी है.इसी मुद्दे पर भूमंत्र आपकी राय जानने के लिए एक सर्वे कर रहा है ताकि इस फैसले का विश्लेषण किया जा सके. हमारा सर्वे का सवाल है कि क्या आप सेनारी नरसंहार के फैसले से संतुष्ट हैं. नीचे आप अपनी टिप्पणी भी दे सकते हैं.



ज़मीन से ज़मीन की बात – भू-मंत्र