| मुख्तार अंसारी का पैंतरा – तस्वीर क्रेडिट : aajtak |
लखनऊ. जेल में बंद माफिया डॉन की बीमारी को लेकर ड्रामेबाजी का दौर जारी है. पहले ये खबर आई कि मुख्तार को हार्ट अटैक आया है और ये हार्ट अटैक चाय पीने के तुरंत बाद आया. उसके बाद उन्हें आनन-फानन में संजय गांधी पीजीआई में भर्ती कराया गया जहाँ उनकी जांच के बाद डाक्टरों ने बताया कि मुख्तार अंसारी को दिल की बीमारी नहीं है और न तो उनके दिल की कोई रक्तवाहिनी में रुकावट मिली है और न ही ईसीजी में कोई गड़बड़ी.
मंगलवार रात को हुई एंजियोग्राफी और ईसीजी जांच रिपोर्ट सामान्य आने के बाद हृदय रोग विशेषज्ञों की टीम इसी निष्कर्ष पर पहुंची. इसलिए उन्हें बृहस्पतिवार को डिस्चार्ज कर बांदा जेल शिफ्ट कर दिया गया. एसजीपीजीआई के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो. अमित अग्रवाल ने बताया कि मुख्तार अंसारी को मंगलवार शाम को सीने में दर्द की शिकायत पर बांदा से लखनऊ रेफर किया गया था.
सीने में दर्द की शिकायत के आधार पर कार्डियोलॉजी विभाग को हेड प्रो.पीके गोयल और उनकी टीम ने उनका इलाज किया. दिल की रक्तवाहिनियों में वसा जमने के कारण रुकावट का अनुमान लगाया जा रहा था. इसीलिए एंजियोग्राफी करने का फैसला किया गया था.
मंगलवार देर रात हुई इस जांच में रक्तवाहिनयों में किसी तरह की रुकावट नहीं मिली थी. इसके बाद उन्हें कार्डियोलॉजी विभाग के प्राइवेट वार्ड में शिफ्ट किया गया और डायबिटीज सहित कई अन्य खून की जांच कराई गई थी. लगभग सभी जांच रिपोर्ट सामान्य पाए जाने को बाद उन्हें बुधवार को दिन भर सतत् निगरानी में रखा गया. इस दौरान भी उन्हें किसी प्रकार की दिक्कत नहीं हुई.
सभी मेडिकल टेस्ट सामान्य निकलने के बाद उनको डिस्चार्ज करके बांदा जेल शिफ्ट कर दिया गया. इस बात से मुख्तार के परिजन नाराज हैं. वो उनको अभी अस्पताल में रखना चाहते थे.मुख्तार के भाई ने धमकी भरे लहजे में कहा कि यदि हमारी सरकार होती तो हम बताते कि क्या करना चाहिए.



