हरेश कुमार,पत्रकार

nitish kumar

बिहार के सीएम नीतीश कुमार दिल्ली नगरनिगम चुनाव के लिए आकर पार्टी के प्रत्याशियों का प्रचार कर सकते हैं, लेकिन छत्तीसगढ़ में नक्सली हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के शहीद हुए 25 जवानों में बिहार के 6 जवान भी शामिल थे और उनके पार्थिव शरीर को जब पटना एयरपोर्ट पर लाया गया तो नीतीश कुमार सहित उनके मंत्रिमंडल के किसी सदस्य के पास शहीदों को श्रद्धंजलि देने के लिए समय तक नहीं था। ऐसे नेताओं से आप क्या उम्मीद कर सकते हैं। ये देश के पीएम बनने का ख्वाब देखते रहे हैं। घिन्न आती है ऐसे नेताओं और इनकी सोच पर। अगला प्रेसिडेंट कौन बने उस पर चर्चा के लिए समय है। फालतू चीजों के लिए समय है, लेकिन शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए वक्त नहीं इनके पास।
 (सोशल मीडिया से साभार)

 

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