छोटे सरकार के सामने बड़े सरकार पस्त, भगवान परशुराम की कृपा से षड्यंत्र नाकाम
भूमिहार ब्राहमण समाज आज जब भगवान परशुराम के जन्मोत्सव का उत्सव मना रहा है तब एक और अच्छी खबर सामने आयी है. मोकामा विधायक और भूमिपुत्र अनंत सिंह की रिहाई का रास्ता साफ़ हो गया है. कोर्ट ने उन्हें राहत देते हुए जीतन राम मांझी मामले में जमानत दे दी है. इससे उनकी रिहाई का मार्ग प्रशस्त हो गया.
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा बिहार सरकार के सीसीए लगाए जाने को गलत ठहराए जाने के बाद अनंत सिंह की रिहाई का रास्ता साफ़ हो गया था. लेकिन बिहार पुलिस अचानक जीतन राम मांझी केस लेकर सामने आ गयी और छोटे सरकार की जमानत की राह में कांटे बो दिए.
लेकिन अंततः छोटे सरकार की हिम्मत के आगे बड़े सरकार की साजिश नतमस्तक हो गयी. एडीजे वन व एससीएसटी प्रभारी सच्चिदानंद सिंह ने साक्ष्य देखने के बाद बेल प्रदान किया. इससे पहले गया की एससीएसटी कोर्ट से अनंत सिंह के खिलाफ प्रोडक्शन वारंट जारी हुआ था. अनंत सिंह के खिलाफ 16 फरवरी, 2015 को पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के भांजे उपेंद्र मांझी ने प्राथमिकी दर्ज करायी थी. जिसमें कहा गया था कि 11 फरवरी, 2015 को एक राष्ट्रीय न्यूज चैनल पर मोकामा विधायक अनंत सिंह ने उनके मामा और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी को नीचा दिखाने और प्रताड़ित करने के उद्देश्य से उनके लिए अपशब्द कहे थे.



