आतंकवाद से लड़ते हुए शहादत को प्राप्त कृष्णानंद राय की 29 नवंबर को पुण्यतिथि है. 29 नवंबर 2005 को आतंकवादियों ने घात लगाकर उन्हें गोलियों से छलनी कर दिया था.
उनकी हत्या के पीछे बाहुबली मुख्तार अंसारी का नाम लिया जाता है. दरअसल कृष्णानंद राय ने अपनी सांगठनिक क्षमता के बदौलत मुख्तार अंसारी के वर्चस्व के तोड़ते हुए मोहम्मदाबाद विधानसभा क्षेत्र से उसके भाई को हरा कर भू पताका फहराया था. उसी की कीमत उन्हें अपनी जान देकर चुकानी पड़ी थी. इसलिए हर वर्ष उनकी पुण्यतिथि को शहादत दिवस के रूप में मनाया जाता है.खास बात है कि पिछले साल उनके शहादत दिवस पर सभी पार्टियों के नेताओं ने एकजुटता दिखाते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी थी. इसमें गिरिराज सिंह मुख्य अतिथि थे.वही कार्यक्रम में रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा भी थे. उन्हीं पर एक कार्यक्रम की सूचना देते हुए आमोद राय सोशल मीडिया पर लिखते हैं –
कृष्णानन्द राय – अमर रहें, सप्त शहीद अमर रहें, आतंकवाद एवं गुण्डावाद के विरूद्ध संघर्ष के प्रतीक विधायक स्व कृष्णानन्द राय एवं साथी सप्त शहीदों की पुण्य स्मृति में आयोजित10वे शहादत दिवस, दिनांक 29 नवंबर के कार्यक्रम— -पुष्पाजलि – सुबह 08 बजे से – शहीद स्तंभ, गाँव बसनिय, गाजीपुर। -श्रद्धांजलि सभा -11.30 बजे-शहीद पार्क, मुहम्मदाबाद, गाजीपुर।


स्वर्गीय कृष्णानंद राय की पत्नी का इंटरव्यू –

ज़मीन से ज़मीन की बात – भू-मंत्र