राबड़ी देवी की निरक्षरता पर सुशील मोदी का तंज : राजनीति, जुबानी जंग का नाम है.आजकल इस जुबानी जंग को ट्विटर,फेसबुक आदि सोशल मीडिया के माध्यमों ने नयी दिशा दे दी है और बिना किसी मीडिया हाउस की मदद के नेतागण सोशल मीडिया के टूल्स की मदद से निरंतर प्रहार करते रहते हैं.
अभी जब एक रैली के दौरान नोटबंदी के पक्ष में अपना तर्क देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आपको फकीर बताया तो विपक्षी पार्टियों ने अपने-अपने तरीके से उनकी फकीरी का मजाक उड़ाया.फिर इसमें राजद अध्यक्ष लालू यादव कैसे पीछे रह सकते हैं, उनकी तो पूरी राजनीति ही भाजपा और मोदी विरोध पर टिकी हुई है.
लालू यादव ने ट्विटर पर टिप्पणी की,”क्या कभी किसी फ़कीर ने यह कहा है कि,”व्यापार मेरे खून में है”?फ़कीरी और व्यापार साथ-साथ?फ़कीर अपनी फ़कीरी का ‘ज़िक्र’ नही ‘फ़िक्र’ करते है”
लालू यादव के इसी बयान को आधार बनाकर आज बिहार भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने ट्विटर पर पोस्टर संदेश जारी कर लालू यादव की क्लास ली.
सुशील मोदी ने लालू के परिवार के निरक्षरता का मुद्दा उठाते हुए कहा कि,“लालू प्रसाद ने 1997 में निरक्षर पत्नी को मुख्यमंत्री बनवाया था। उन्होंने 2015 में नन-मैट्रिक और अंडर-ग्रेजुएट बेटों को कई विभागों का मंत्री बनवाकर राज्य की एक तिहाई सत्ता अयोग्य हाथो के हवाले कर दी.900 करोड़ से ज्यादा के चारा घोटाला में दोषी पाए गए लालू प्रसाद का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फकीरी पर सवाल उठाना चाँद पर थूकने की मूर्खता करने जैसा है.”



