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शहीदों की शहादत पर निंदा प्रस्ताव वाली पार्टी का एमसीडी जश्न !

भारतीय जनता पार्टी जब विपक्ष में थी तो सैनिकों को लेकर बड़े-बड़े वायदे करती थी,लेकिन सत्ता में आते ही उसके सारे वायदे धरे-के-धरे रह गए. सर्जिकल स्ट्राइक से लेकर नोटबंदी का शिगूफा काफूर हो गया. न नक्सली समस्या ख़त्म हुई और न बॉर्डर का आतंक. हमारे जवान कल भी मारे जा रहे थे और आज भी मारे जा रहे हैं और सरकार सिर्फ निंदा कर रही है. सर्जिकल स्ट्राइक का शिगूफा छोड़ रही है. लेकिन हो कुछ नहीं रहा है. सबसे दुखदायक पहलू ये है कि सरकार शहीदों की शहादत का ठीक से सम्मान भी नहीं कर पा रही. कोई पांच लाख की रकम देकर शहीदों का अपमान कर रहा है तो कोई एमसीडी चुनाव पर जश्न मनाकर शोकाकुल परिवार को मुंह चिढ़ा रहा है. यही वजह है कि भाजपा के कट्टर समर्थक भी इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेर रहे हैं और भर्त्सना कर रहे हैं. कुछ प्रतिक्रियाएं – 
प्रकाश ओम – MCD चुनाव की जीत पर ये उंगली दिखा रहे हैं और उधर #सुखमा में नक्सली अंगूठा दिखा रहे हैं।नक्सलियों पर जीत का जश्न आम भारतीय कब मनाएंगे।।या फिर पार्टी यूँ ही चालेगी???? क्या हम सिर्फ बदला ही लेते रहेंगे? उनके मारने का इंतजार करे, फिर जनता को संतुष्ट करने के लिए हमला. नेस्तनाबूद क्यों नहीं करते? 
राजीव रंजन श्रीवास्तव – उदारता और क्षमा उसी को शोभा देती है, जिसकी कोई हैसियत हो, अशक्तों और कायरों को नहीं। रामधारी सिंह दिनकर जी ने तो लिखा ही है- क्षमा शोभती उस भुजंग को जिसके पास गरल है। तो मोदी जी और राजनाथ जी पहले अपनी हैसियत सिद्ध कीजिये, फिर शांति और उदारता की बातें होंगी। नहीं तो कांग्रेस और आप से भी बुरा हाल होने वाला है। 
प्रिय रंजन – बीजेपी जैसे जैसे अपनी आक्रामकता खोएगी, वैसे वैसे जनता का विश्वास #श्रद्धांजलि / सुकमा के शहीदों को श्रद्धांजलि, कड़ी निंदा नहीं कड़ी कार्रवाई करो।

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