giriraj singh senari

सेवा में,
श्री गिरिराज सिंह,
केंद्रीय मंत्री,
भारत सरकार .

विषय : सेनारी के मंदिर का जीर्णोद्धार और किसान नेता ब्रह्मेश्वर मुखिया की मूर्ति स्थापित करने के संबंध में 

महोदय,

आप हिन्दुत्व के प्रबल समर्थक हैं इसलिए ये खत बड़ी उम्मीद से आपको लिख रहा हूँ. चूँकि सत्ता के ऊँचे गलियारे तक आवाज़ पहुँचाना मुश्किल होता है, इसलिए खुला खत लिखने की मजबूरी है. शायद अब ये आवाज़ आपतक पहुँच जाए. सेनारी का नाम तो आपने जरुर सुना होगा. वही सेनारी जहाँ आज से 17 साल पहले 34 निर्दोष किसानों की हत्या बड़ी बेरहमी से नक्सलियों द्वारा कर दी गयी थी. इस घटना को सेनारी गाँव के मंदिर के पास अंजाम दिया गया जिसके बाद से उस मंदिर में पूजा-अर्चना बंद हो गयी.मानो भगवान भी किसी श्राप की सजा काट रहे हैं.भक्त-भगवान से और भगवान-भक्त से नाराज हो गए. लेकिन आप दूसरे नजरिये से देखिये तो ये भय का प्रतीक भी है. मानते हैं कि जहाँ 34 लोगों की एक साथ नृशंस हत्या कर दी गयी हो, वहां पैर रखते ही रूह तो कांपेगी ही. अपनों की याद आएगी ही और खौफ़जदा करने वाला नज़ारा भी सामने आएगा. लेकिन ये जरूरी है कि भावनाओं को नियंत्रित कर मंदिर में पुनः भगवान की स्थापना की जाए और सेनारी के उस मंदिर में भी मनोबल का एक दीया जलाना चाहिए जहां 17 साल पहले 34 लोगों की बलि दी गयी थी.इसलिए हिन्दू हृदय सम्राट गिरिराज सिंह से आग्रह है कि वे सेनारी के रक्तरंजित मंदिर का जीर्णोद्धार कर वहां मंगलआरती करें व हिन्दुत्व के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दर्शायें.सेनारी का मंदिर आपकी प्रतीक्षा कर रहा है.

दूसरी एक छोटी सी मांग किसान नेता और हिंदुत्व के प्रबल समर्थक ब्रह्मेश्वर सिंह मुखिया की प्रतिमा स्थापित करने के संबंध में है. कभी आपने उन्हें गांधीवादी नेता कहा था.लेकिन अफ़सोस उनकी शहादत के पांच साल बाद भी किसानों के मसीहा और नक्सलियों के काल बाबा ब्रहमेश्वर की मूर्ति अबतक कहीं नहीं स्थापित हुई है. इसलिए आग्रह है कि बाबा ब्रह्मेश्वर की भव्य मूर्ति की स्थापना करवा कर हमें कृतार्थ करें,ताकि युगों-युगों तक इन्हें देखकर समाज प्रेरणा ले सके. आपके इस कार्य के लिए पूरा समाज आपका आभारी रहेगा. आपके उत्तर की प्रतीक्षा में.

सादर,
संपादक, भूमंत्र
ज़मीन से ज़मीन की बात

open letter to giriraj singh