किसानों का मुद्दा आते ही समाचार चैनल चुप्पी मार जाते हैं. उनके मुद्दे कम उठते हैं और उठते भीं हैं तो तब जब किसान आत्महत्या कर लेते हैं.

लेकिन आज ज़ी न्यूज़ के डीएनए कार्यक्रम में सुधीर चौधरी ने न केवल किसानों का मुद्दा उठाया, बल्कि बैंक लोन के मुद्दे पर सरकार,प्रशासन और बैंक की खिंचाई भी की. उन्होंने बड़ा सवाल उठाया कि क्या कर्ज चुकाना सिर्फ किसानों का ही कर्तव्य है?

बड़े कर्जदारों के आगे बैंकों की घिग्घी बंध जाती है और किसानों के मामले में बैंक इतना दबाव बनाते हैं कि वे आत्महत्या तक के लिए मजबूर हो जाते हैं.

 भू-मंत्र भूमि से जुड़े इस मुद्दे को उठाने के लिए ज़ी न्यूज़ की तारीफ़ करता है. इसे कहते हैं ज़मीनी पत्रकारिता.

दूसरे न्यूज़ चैनल और पत्रकार कुछ सबक लेंगे और ज़मीन से ज़मीन की बात कहेंगे.