lali kishor
पटना. नीतीश कुमार के नेतृत्व में मंत्रिमंडल के गठन के बाद राज्य में प्रशासनिक स्तर पर बड़े बदलाव की शुरुआत भी हो गयी है. उसी बदलाव के रूप में पहली नियुक्ति ललित किशोर की महाधिवक्ता के पद पर नियुक्ति के रूप में हुई है.
महाधिवक्ता राम बालक महतो के इस्तीफा देने के बाद प्रधान अपर महाधिवक्ता ललित किशोर बिहार के नए महाधिवक्ता बनाये गए हैं. वे पिछले कई वर्षों से राज्य सरकार का पक्ष हाईकोर्ट में रखते आ रहे हैं. उन्हें एक प्रभावी वकील माना जाता है.
उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि सबका न्यायपूर्ण विकास ही हमारी प्राथमिकता होगी. लेकिन ललित किशोर के महाधिवक्ता के पद पर बहाली से राजद में खलबली है. राजद के पेज पर बाकायदा इस संदर्भ में टिप्पणी की गयी है. टिप्पणी करते हुए लिखा गया – 
“महगठबँधन टूटने और लालू यादव के निकलने के बाद NDA सरकार के पहले ही दिन सामाजिक न्याय की राजनीति का हश्र देखिए:- सवर्ण मंत्रियों की संख्या दुगुनी हुई। भूमिहार, ब्राह्मण और राजपूत मंत्रियों की संख्या में भारी इज़ाफ़ा लेकिन कायस्थ एक भी नहीं। पिछड़ें वर्ग कुशवाहा समाज के बिहार प्रदेश के महाधिवक्ता ( Chief Advocate General)श् री रामबालक महतो की जगह ललित किशोर (भूमिहार) को बनाया गया।”

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