आदरणीय
गिरिराज चचा,
सादर चरण स्पर्श।।
चचा आप तो बड़का मंत्री हो गए।। छाती फुल जाता है जब आपका अंग्रेजी ट्विटवा देखते हैं।। का…का बम आप फोड़ते हैं।। साला पुराना दिन याद आ जाता है।। कसम से बहुत मज्जा आता है।। अउर पाकिस्तान की …. चचा बहुत धोते हैं आप।।
उ आजतक वाली अंजना कश्यप के इंटरव्यूवा में क्या धोए थे आप।। एकदम मिजाज़ फ्रेश हो गया था।। दिल्ली-जहानाबाद एक कर दिए।। हमको तो कै बार लगता है कि ई रक्षामंत्री आपको होना चाहिए था।। ई साला गलत डिपार्टमेंट मिल गया आपको।। लघु/सूक्ष्म ई का है भाय।। एकदम बुरबक बनाने वाला बात है।। भाई इसमें कोई मेही मिसिर को बैठाइए न।। चचा का इसमें क्या काम? चचा त बुलेट हैं।। बुलेट चलाने वाला डिपार्टमेंट दीजिए न।। फिर देखिये बॉर्डर पर असली मज्जा।। हम त पान का पिक भी पाकिस्तानी बॉर्डर पर तब फेकेंगे. आक थू….. जिंदगी का मजा आ जाएगा।। रणवीर का सपना पूरा हो जाएगा।। नक्सलियों की मुंडी तो बहुते तोडिस है, पाकिस्तानियों का इक बार तोड़े को मिले तो असली मजा आवे।। उनको भी तो पता चले कि रणवीर का चीज है।। ई देशभक्ति का बात सुनकर देह एकदमे झुनझुना जाता है।। हम त कारगिल के टाइम में जाने के लिए एकदम तैयार थे,हथियार भी बाँध लिए थे,लेकिन बाबा रोक दिए।। चचा भी नहीं माने।। नै तो तहिये पाकिस्तान का कल्याण कर देते।। साले पाकिस्तानियों को ठांस के मारते।।
उ आजतक वाली अंजना कश्यप के इंटरव्यूवा में क्या धोए थे आप।। एकदम मिजाज़ फ्रेश हो गया था।। दिल्ली-जहानाबाद एक कर दिए।। हमको तो कै बार लगता है कि ई रक्षामंत्री आपको होना चाहिए था।। ई साला गलत डिपार्टमेंट मिल गया आपको।। लघु/सूक्ष्म ई का है भाय।। एकदम बुरबक बनाने वाला बात है।। भाई इसमें कोई मेही मिसिर को बैठाइए न।। चचा का इसमें क्या काम? चचा त बुलेट हैं।। बुलेट चलाने वाला डिपार्टमेंट दीजिए न।। फिर देखिये बॉर्डर पर असली मज्जा।। हम त पान का पिक भी पाकिस्तानी बॉर्डर पर तब फेकेंगे. आक थू….. जिंदगी का मजा आ जाएगा।। रणवीर का सपना पूरा हो जाएगा।। नक्सलियों की मुंडी तो बहुते तोडिस है, पाकिस्तानियों का इक बार तोड़े को मिले तो असली मजा आवे।। उनको भी तो पता चले कि रणवीर का चीज है।। ई देशभक्ति का बात सुनकर देह एकदमे झुनझुना जाता है।। हम त कारगिल के टाइम में जाने के लिए एकदम तैयार थे,हथियार भी बाँध लिए थे,लेकिन बाबा रोक दिए।। चचा भी नहीं माने।। नै तो तहिये पाकिस्तान का कल्याण कर देते।। साले पाकिस्तानियों को ठांस के मारते।।
चचा आप जब रक्षामंत्री बनियेगा तो एक ठो पलाटूने ‘रणवीर सेना’ के नाम से बना दीजियेगा जिसमें हम जैसन जुनूनी राष्ट्रभक्त योद्धाओं की सीधी भर्ती हो।। टेस्टवा तो हम पहलेके बेर में देइये चुके हैं।। बाकी नक्सली सब गवाही देने के लिए बिहार से लेकर दिल्ली तक तैयारे बैठले हैं।। हम मोदी जी को अगली चिठ्ठी लिखेंगे तो आपके बारे में जरूरे लिखेंगे।। नै माने तो दिल्ली में धरना देंगे।। सुनते हैं कि दिल्ली में धरना देना का हर तरह से फायदा होता है।। हां उ कौन जगह है जहाँ धरना देकर केजरीवलवा दिल्ली का मुख्यमंत्री बन गया? अरे भला सा नाम है!! साला पेट में है, मुंह में नहीं आ रहा, एकबैगे भूला गये।। हां जंतर-मंतर।। वहीं धरना देंगे और तभियो नै सुने तो दू-चार दिल्ली के नक्सली को धर के……………. वहीं देशभक्ति दिखा देंगे।।
फिर तो मोदी जी सुनेंगे ही।। आपको चचा रक्षामंत्री बनायेंगे।। टेंशन नहीं लीजिए।। अरे हम भी कईसन बात कर रहे हैं।। आप तो टेंशन देते हैं, लेते नहीं।। मियंडिश लोग इसीलिए तो आपसे चिढता है।। आप मियां लोगो को टेंशन भी तो बहुत देते हैं।। लेकिन मियां लोग के चक्कर में ए बार आप हमको भी टेंशन दे दिए।। बुरा मत मानिए , एगो बात बताइए कि ई बच्चा के पीछे काहे पड़ गए हैं चचा।। आप तो कह दिए कि मियाँ के कम्पीटिशन में तुम भी बच्चा का ढेरी लगाओ।। ज्यादा बच्चा पैदा करो, नहीं तो अल्पमत में आ जाओगे।। लेकिन एक बात बताइए इ बच्चा का खर्चवा कौन देगा? पालेगा कौन? आपकी सरकार तो फूटी कौड़ी भी देने से रही।। ऊपर से नोट का तमाशा अलगे खड़ा कर दिए हैं।। ख़ैर उसका तो हम समर्थन करते हैं।। नक्सली सब दहाड़ मार रहा है।। उसका पईसवा सब पानी जो हो गया है।। लतखोर सब का हाथ-पाँव कट गया है।। सुना है कि लालू भी अंदर-अंदर कुहक रहा है।। चारा घोटाला का सारा पइसवा तो खटाले में न था न, अब भैंसिया खायेगी और खूब मुस्कुराएगी और कहेगी वाह मोदी जी ऐसे नहीं तो वैसे ही 🙂 …
लीजिए महाराज हम आपको बता रहे।। आप तो चचा खुदे सब जानते हैं।। लेकिन हमरा इ बात मानिए बच्चा पर अब कुछ मत बोलिए चचा।। अल्पमत में आने के डर से हम दर्जनों बच्चे नहीं पैदा कर सकते हैं।। पहले संयुक्त परिवार था तो चल भी जाता था लेकिन महंगाई के इस युग में अब एक बच्चा भी पालना भारी पड़ता है।। गाँव में तो फिर भी चल जाता है लेकिन शहर में और उसमें भी खासकर महानगरों में एक आम आदमी को दो बच्चों को पालने में एड़ी-चोटी का जोर लगाना पड़ता है।। मकान,खाना-पीना,कपड़ा-लत्ता , दवा-डॉक्टर, पर्व-त्यौहार के बाद पढाई का खर्चा, स्कूल का डोनेशन…. कमर टूट जाती है चचा और आप कहते हैं ज्यादा बच्चे।।
अपनी राजनीति के चक्कर में ऐसे बोल मत बोलिए।। आप तो ऐसे न थे।। लेकिन राजनीति अच्छे-अच्छों को बदल देती है. बाकी दो बच्चों वाला आपके फंडे और अल्पसंख्यक की पुनः परिभाषा वाली बात का रणवीर खुलेआम समर्थन करता है।। लेकिन एक शिकायत है।। इंग्लिश पथरा पर उस वक्त आपका सुस्त रवैया बहुत नागवार गुजरा. आप केंद्र में राज्यमंत्री है, मोदी के नजदीक हैं और आपके इलाके में यदुवंशियों की इतनी हिम्मत हो गयी कि इंग्लिश पथरा गाँव में ऐसा कांड हो गया और आपसे कुछ करते नहीं बन पड़ा।। धिक्कार है।। बाबा ने शपथ न दी होती तो आज यदुवंशियों को पुराने अंदाज़ में रणवीर सबक सिखाता।। वचनबद्धता है, वरना रणवीर को रणवीर कसाई बनने में कितनी देर लगेगी चचा??
फिर आप लोग भी परेशान हो जाएंगे।। आप बड़े हैं, लेकिन एक सलाह देता हूँ कि जिस तरह आप देश के दुश्मनों के खिलाफ बेबाक बोलते हैं ठीक वैसे ही समाज के दुश्मनों के खिलाफ भी बोलिए और उन्हें सबक सिखाइये. रणवीर आपके साथ है।। यही वक्त है।। वरना नेता तो आते-जाते रहते हैं।।
ठीक है चचा।। आगे फिर बात होगी।। बहुत समय लिया आपका।। आपको ट्वीट भी तो करना होगा।। फोड़िए साले पाकिस्तान को …….यूपी में भी कीजिये झंडा बुलंद।। जय परशुराम।।
सादर ,
रणवीर
उर्फ
रणवीर कसाई




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