भूमिहार समाज को आरक्षण मिले,ये मुद्दा तुल पकड़ता जा रहा है.चुनाव के समय में भी भूमिहार बहुल इलाके में इसे लेकर मांग उठने लगी है.राजनीतिक दल और चुनाव प्रत्याशी इसे अब प्रमुखता से उठाने लगे हैं. इसी कड़ी में उत्तरप्रदेश के मिर्ज़ापुर विधानसभा से भाजपा के संभावित प्रत्याशी हरिमोहन सिंह ने भी भू-समाज के लिए आरक्षण की मांग करते हुए मुख्यमंत्री अखिलेश सिंह को ज्ञापन सौंपा.
हरिमोहन सिंह को इस मुहिम में कई बड़े संगठनों का सहयोग भी मिल रहा है.भू-समाज के लिए आरक्षण की मांग करने वालों का तर्क है कि जमीदारी प्रथा कब की ख़त्म हो चुकी की लेकिन भू-समाज पर अब भी जमीदार जाति का ठप्पा लगा हुआ. पर हकीकत ये हैं ज़मीन के नाम पर किसी के पास 2 एकड़ तो किसी के पास 4 एकड़ ज़मीन है. और न जाने कितने भूमिहार तो भूमिहीन भी हो चुके है। 400 या 500 एकड़ के कास्तकार ढूढने से मुश्किल से मिलते हैं. इसलिए अब समय आ गया है जाट, पटेल और मराठा की तरह भूमिहारों को भी आरक्षण मिले, ताकि वे प्रगति के पथ पर चल सके.
हरिमोहन सिंह पिछले दो साल से इसी मुहिम में लगे हुए हैं और इसके भू-समाज को एकजुट और आंदोलित कर रहे हैं.विधानसभा चुनाव में यदि उनकी जीत होती है तो फिर आरक्षण की मांग पुरजोर तरीके से उत्तरप्रदेश विधानसभा में गूंजेगी.ये उनका वादा है.देखते हैं मिर्जापुर विधानसभा के भू-समाज उनकी इस वायदे को किस तरीके से लेता है.वैसे इस मुद्दे पर इन्हें युवाओं का खूब समर्थन मिल रहा है.



