छठ पर राजनीति 


भारत के राजनीतिज्ञों के लिए सबसे बड़ा धर्म राजनीति है और इसे करने में वे कभी चूक नहीं करते. फिर मौका चाहे कोई भी क्यों न हो, नेतागण अपनी नेतागिरी चमकाने से बाज नहीं आते. इस बार छठ पर्व पर भी कुछ ऐसा ही हुआ जब लालू यादव से लेकर अरविंद केजरीवाल तक छठी मैया के बहाने राजनीति करते नज़र आए.
मामला प्रधानमंत्री मोदी से शुरू हुआ जब उन्होंने मन की बात में छठ का जिक्र किया और उसके महत्त्व को रेखांकित किया. दरअसल ये छठ को राष्ट्रीय पर्व का दर्जा दिलाने की प्रधानमंत्री की एक कोशिश थी. इसके पहले किसी प्रधानमंत्री ने छठ पर्व के व्यापक विस्तार के बावजूद कभी इतना महत्त्व नहीं दिया जितना पीएम मोदी ने दिया. फिर क्या था तमाम दूसरे नेता हडबडाते और बडबडाते छठ का घाट लूटने अपनी-अपनी राजनीति के साथ आ धमके. 
पहले लालू यादव ने कहा कि छठ को मैंने अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाई तो दूसरी तरफ दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पंजाब और गोवा की राजनीति से छुट्टी लेकर छठ के घाटों का मुआयना करने आ पहुंचे. 
दरअसल घाटों के मुआयने के बहाने ये बिहार-झारखण्ड-पूर्वांचल के वोटर्स का मुआयना था.बाकी तो आप समझ ही गए होंगे. बहरहाल हम तो इतना ही कहेंगे कि मोदी ने छठी मैया का जयकारा लगाया तो घाट लूटने लालू से लेकर केजरीवाल तक आ पहुंचे.

ज़मीन से ज़मीन की बात – भू-मंत्र

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